*निघासन-खीरी* विकासखण्ड निघासन की ग्राम पंचायत लालपुर के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राहुल यादव से जनहित में जनसूचना मांगे जाने के इस संबंध में राजीनामा के लिए बहुत प्रयास किया। जब राजीनामा की बात नही बनी,तो झूठे आरोप लगाने शुरू कर दिए। ये मामला करीब लगभग डेढ़ वर्ष से चल रहा है। निघासन-खीरी क्षेत्र की ग्राम पंचायत लालपुर के गांव लोनियन पुरवा के निवासी मीडिया प्रभारी आर.जे.संतोष कुमार ने अपनी ही ग्राम पंचायत लालपुर से कुछ जनहित में जन सूचनाएं चाही थी।,किन्तु जनहित में जन सूचनाओं के बजाए झूठे आरोप लगाए जाने लगे उदाहरण के तौर पर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राहुल यादव ने आरोप लगाया है। कि मैं 30-07-2025 को लखीमपुर-खीरी से आ रहा था। तभी अदलाबाद क्रेशर के पास संतोष कुमार अपने चार साथियों के साथ शाम 00:06 बजे पहले ही से घात लगाए बैठे थे। हमारी गाड़ी के सामने अपनी मोटर साईकिल लगा दी और हमें गाड़ी से खीचकर बहुत बेरहमी से लात घूसों से मारा पीटा और मेरी गाड़ी में रखे 23,000 रुपये लूट लिए और जब मैं 112 नंबर लगाया,तो ये लोगों वहां से फरार हो गये। इनकी मोटर साईकिल का नं UP 31 CR 3141 है। जबकि आर.जे.संतोष ने बताया है। कि मैं अगर दोषी पाया जाता हूं तो हम पर कानूनी कार्यवाही की जाए और यदि ये आरोप हम पर झूठें लगाए गए हैं।,तो ग्राम प्रधान प्रतिनिधि पर उचित कानूनी कार्यवाही की जाए।आर.जे.संतोष कुमार ने बताया कि जब ये लखीमपुर-खीरी जा रहे थे।, तो ये हमें कहां पर देखे थे। और ये लखीमपुर कहां गए थे। किस-किस जगह पर गए थे। क्यो की लखीमपुर में जगह-जगह पर सीसी टीवी केमरे लगे है। मेरे चार साथी बताए है।,तो वह चार साथी कौन-कौन थे। क्योंकि ये कोई नादान तो है। नहीं कि उन्हें पता न हो कि चार और साथी कौन-कौन थे। और जब मैं इन्हें गाड़ी से खींचकर बहुत बेरहमी से लात घूसों से मार रहा था। तो इन्होंने वीडियो बनाया ही होगा या फिर क्रेशर के पास बस्ती की पब्लिक ने फोटो या फिर वीडियो बनाया ही होगा क्योंकि आज कल तो लगभग सभी के पास मोबाइल है।इसके अलावा जब ये लखीमपुर-खीरी गए थे।,तो इनके पास कितने रुपये थे। और ये रुपये किससे लिए थे। या फिर किस बैंक से निकाले थे। लखीमपुर-खीरी में इन्होंने क्या-क्या खाया और क्या-क्या लिया और ये पैसे कहां पर गिने थे। और इन्हें पहले से ही कैसे पता था। कि मेरे पास कुल 23,000 हजार रुपये ही बचे हैं। जब मैं इनकी गाड़ी से रुपये लूट रहा था। तो उस घटना का फोटो या वीडियो किसी ने तो बनाया ही होगा जिसका साक्ष्य होना चाहिए। जब मैं फरार हुआ तो कितनी मोटर साईकिलें थीं। और किधर को गए। जब ये 112 नंबर डायल किया तो वहां पर पहुंची 112 की गाड़ी में ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मी कौन-कौन थे। और 112 कितनी बार डायल किया? जो गाड़ी वहां पर पहुंची,उस गाड़ी का नंबर क्या था? और कितने बजे से कितने बजे तक 112 नं डायल किया जब ये 112 नंबर डायल किया तो इनके पास कॉल डिटेल्स भी होगी। इन्होंने जिस मोटर साईकिल का नंबर UP 31 CR 3141 बताया है।,वह मोटर साईकिल किस की है। मेरी तो है। नही। मारपीट व रुपये लूटने का ये मामला कितनी देर तक चला और वहां पर बस्ती की पब्लिक लगभग कितनी थी? जबकि मैं 29-07-2025 से 31-07-2025 तक अपनी ससुराल धौरहरा-खीरी में था। जिसके हमारे पास लिखित में साबूत व गवाह भी है। और हां जब मैंने इन्हें लात घूसों से मारा पीटा था।,तो इन्हें काफी चोटें भी आईं होगी और मेडिकल भी करवाया होगा। वह मेडिकल रिपोर्ट कहां है। इस घटना की ग्राम पंचायत में काफी चर्चा भी हुई होगी। इस घटना के बारे में जानने वाले ग्राम पंचायत के हर मजरे के लोग भी होंगे। क्यो की आज कल तो मामूली विवाद में तुरंत वीडियो वायरल होते है। ये इतनी बड़ी ग्राम प्रधान प्रतिनिधि की घटना है। और इस घटना के वीडियो अभी तक कही क्यो नही दिखे,इनके पास कोई फोटो वीडियो,और भी साक्ष्य होगे ही
Alok Kumar Srivastava serves as the Chief Editor of Prabhat Darshan, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering political affairs, social issues, and regional developments.

