श्रीनगर, 15 जनवरी। ईरान में फंसे करीब 2000 कश्मीरी छात्रों और अन्य भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (JKSA) ने इस मामले को गंभीर बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। एसोसिएशन ने भारतीय छात्रों समेत सभी नागरिकों की सुरक्षित और शीघ्र वापसी के लिए विशेष निकासी व्यवस्था करने की मांग की है।
JKSA ने बताया कि मौजूदा हालात को देखते हुए छात्रों और उनके परिजन बेहद चिंतित हैं। एसोसिएशन का कहना है कि तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने छात्रों को जल्द से जल्द स्व-व्यवस्थित तरीके से ईरान छोड़ने की सलाह तो दी है, लेकिन अब तक भारत सरकार की ओर से कोई औपचारिक या समन्वित निकासी योजना घोषित नहीं की गई है।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि अधिकांश छात्र मेडिकल और अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की पढ़ाई के लिए ईरान में रह रहे हैं। अचानक हालात बिगड़ने से छात्रों के सामने न केवल सुरक्षा, बल्कि यात्रा और संसाधनों की भी गंभीर समस्याएं खड़ी हो गई हैं।
JKSA ने केंद्र सरकार से मांग की है कि विशेष उड़ानों या वैकल्पिक सुरक्षित मार्गों के जरिए छात्रों और अन्य भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जाए। साथ ही दूतावास स्तर पर हेल्पलाइन और समन्वय को और मजबूत किया जाए, ताकि छात्रों को समय पर सही जानकारी और सहायता मिल सके।

