Useful vastu tips for home: हर किसी के जीवन में सुख-दुख आते जाते रहते हैं. कभी चीजें आपके अनुकूल तो कभी प्रतिकूल नजर आती हैं, लेकिन जब कभी परिश्रम और प्रयास के बावजूद समस्याएं खत्म न हो और दु:ख-दुर्भाग्य जाने का नाम न ले तो एक बार आपको अपने घर से जुड़े वास्तु दोष (Vastu Dosh) पर जरूर विचार करना चाहिए. वास्तु शास्त्र के अनुसार कुछ वास्तु दोष ऐसे होते हैं जो जिंदगी की राह में ब्रेकर बन जाते हैं, जिन्हें सरल उपायों और आदतों को अपना कर आसानी से दूर किया जा सकता है. आइए वास्तु के ऐसे ही 7 सरल और प्रभावी उपायों के बारे में जानते हैं.

राज्यसभा का 41 घंटे से ज्यादा समय हंगामे से बर्बाद, शुरुआत के 12 दिनों में सिर्फ दो ही बिल हुए पारित

  • सबसे पहले बात करते हैं घर के प्रवेश द्वार की जहां से आपके घर में सुख-समृद्धि का प्रवेश होता है. यदि मुख्य द्वार से जुड़ा वास्तु दोष (Main Door Vastu Dosh) आपके दुर्भाग्य का कारण बन रहा है और आप उस दोष को दूर करने में असमर्थ हैं तो आप विघ्न-विनाशक भगवान श्री गणेश जी (Lord Ganesha) की मूर्ति को अंदर और बाहर दोनों जगह ऐसे लगाएं कि उनकी पीठ न नजर आए.
  • सनातन परंपरा में तुलसी का पौधा बहुत ज्यादा पवित्र और सौभाग्य बढ़ाने वाला माना गया है. हिंदू मान्यता के अनुसार यदि मुख्य द्वार पर इस पौधे को लगाया जाए तो उससे जुड़े सभी दोष दूर हो जाते हैं. हिंदू धर्म में तुलसी को माता लक्ष्मी का ही रूप माना गया है. तुलसी का पवित्र पौधा नकारात्मक उर्जा को रोक कर सकारात्मक उर्जा को घर के भीतर प्रवाहित क(Tulsi) रता है, लेकिन ध्यान रहने कि मुख्य द्वार पर रखे हुए तुलसी के पौधे के आस-पास पवित्रता बनाए रखें और भूलकर भी वहां जूते-चप्पल या फिर डस्टबिन न रखें.
  • वास्तु शास्त्र के अनुसार जिन घरों के तमाम कोनों में गंदगी बनी रहती है और मकड़ियों ने जालों से हर कोना ढक दिया हो, उस घर से धन की देवी माता लक्ष्मी (Goddess Laxmi) रूठ कर चली जाती हैं. ऐसे में सुख-सौभाग्य की कामना करने वालों को अपने घर के मुख्य द्वार और ब्रह्म स्थान समेत सभी कोने को साफ रखें. वास्तु के इस नियम का पालन करने वालों के यहां सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है.
  • वास्तु शास्त्र के अनुसार सौभाग्य और आरोग्य की कामना रखने वालों को कभी भी अपना बेड या सोफा बीम के नीचे नहीं रखना चाहिए. वास्तु शास्त्र में इसे बड़ा दोष मानते हुए सेहत को प्रभावित करने वाला माना गया है. यदि किसी कारणवश आप इस वास्तु दोष को न दूर कर पाएं तो उसके दुष्प्रभाव से बचने के लिए वहां पर एक बांसुरी टांग दें.
  • वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के भीतर किसी भी कोने में लीकेज या सीलन नहीं होनी चाहिए. वास्तु शास्त्र में इसे धन संबंधी दिक्कतें पैदा करने वाला बड़ा वास्तु दोष माना गया है. सनातन परंपरा में भी पानी को माता लक्ष्मी (Mata Laxmi) का ही प्रतीक माना गया है, इसलिए उसे किसी भी स्वरूप में व्यर्थ जाने से बचाएं.
  • वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के दरवाजों के खुलते और बंद होते समय तथा बिस्तर या सोफे पर बैठते समय आवाज नहीं होनी चाहिए. वास्तु शास्त्र में इसे दोष माना गया है जो कि परिवार के सदस्यों के बीच कलह का कारण बनता है. ऐसे में दरवाजों में हमेशा तेल डालते रहें और आवाज करने वाली चीजों को तुरंत सही कराएं या फिर हटा दें.
  • वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में बनी सीढ़ियां आपकी प्रगति का प्रतीक होती हैं. ऐसे में इसे भी हमेशा साफ रखना चाहिए. घर की टूटी हुई सीढ़ियां दुर्भाग्य का प्रतीक होती हैं, इसलिए उसे जल्द से जल्द रिपेयर करवा लेना चाहिए. इसी प्रकार घर की सीढ़ियों के नीचे न तो कभी सामान जमा करके रखना चाहिए और न ही उसके नीचे किचन या बाथरूम बनाना चाहिए.
  • वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) के अनुसार कभी भूलकर भी छत पर खराब समान या फिर कहें कबाड़ नहीं रखना चाहिए क्योंकि यह न सिर्फ नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) को बढ़ाता है बल्कि इसके कारण शनि और राहु से संबंधित कष्ट बढ़ने लगते हैं. छत से जुड़े वास्तु दोष से बचने कभी भी वहां पर कूड़ा, खराब सामान, बालू, सीमेंट, बांस-बल्ली, सूखे पौधे आदि न जमा करें और उसे हमेशा साफ रखें.
Share.

Alok Kumar Srivastava
Chief Editor

Address :    104, Bharsar, District – Ghazipur, Uttar Pradesh – 233300

Mobile        +91-98388 99305
Email        prabhatdarshan25@gmail.com

March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  

© 2025 prabhatdarshan.com 

Exit mobile version