नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का शक्तिशाली रॉकेट एलवीएम-3, जिसे ‘बाहुबली’ के नाम से जाना जाता है, अपने निर्धारित समय से 90 सेकेंड की देरी से लॉन्च किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण मिशन को लेकर इसरो ने सभी तकनीकी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
एलवीएम-3 रॉकेट के जरिए एक बेहद खास सैटेलाइट को अंतरिक्ष में स्थापित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य देश में मोबाइल और संचार नेटवर्क को और मजबूत बनाना है। इस मिशन के सफल होने के बाद दूरदराज और ग्रामीण इलाकों में भी नेटवर्क कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।
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इसरो के अनुसार, लॉन्च में की गई यह मामूली देरी पूरी तरह तकनीकी प्रक्रियाओं और सुरक्षा मानकों के तहत है। वैज्ञानिकों की टीम लगातार हर सिस्टम की बारीकी से जांच कर रही है ताकि मिशन पूरी तरह सफल हो सके।
एलवीएम-3 इसरो का सबसे भारी और शक्तिशाली प्रक्षेपण यान है, जो बड़े और उन्नत उपग्रहों को अंतरिक्ष में ले जाने में सक्षम है। इस मिशन को भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

