नई दिल्ली। भारत समेत दुनियाभर में साल 2026 का आगाज उत्साह, रोशनी और जश्न के साथ हुआ। अलग-अलग टाइम जोन के कारण भारत से पहले 29 देशों में नए साल की एंट्री हो चुकी थी। भारत में भी राजधानी दिल्ली से लेकर जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, पंजाब और गुजरात तक नए साल का स्वागत पूरे उल्लास के साथ किया गया।
दिल्ली में इंडिया गेट पर लोगों ने काउंटडाउन के साथ नए साल का अभिनंदन किया, जबकि गुरुद्वारा श्री बंगला साहिब में रात 12 बजे बड़ी संख्या में श्रद्धालु मत्था टेकने पहुंचे। जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में पर्यटकों ने बर्फबारी के बीच नए साल का जश्न मनाया। राजस्थान के उदयपुर, पंजाब के अमृतसर, मध्य प्रदेश के ग्वालियर और गुजरात के सूरत में भी डांस, म्यूजिक और आतिशबाजी के साथ 2026 का स्वागत किया गया।
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न्यूजीलैंड से हुई सबसे पहले 2026 की शुरुआत
दुनिया में सबसे पहले न्यूजीलैंड ने 2026 में प्रवेश किया। ऑकलैंड के स्काई टावर पर भव्य आतिशबाजी हुई, जिसने पूरे शहर को रोशनी से नहा दिया। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के सिडनी हार्बर और मेलबर्न की यारा नदी के किनारे शानदार न्यू ईयर सेलिब्रेशन देखने को मिला।
एशिया और खाड़ी देशों में भी भव्य आयोजन
जापान ने टोक्यो खाड़ी में आतिशबाजी के साथ नए साल का स्वागत किया। चीन के बीजिंग में ड्रोन और लेजर शो आकर्षण का केंद्र रहे। सिंगापुर में बीच पर आतिशबाजी हुई, जबकि साउथ कोरिया में परंपरागत तरीके से घंटी बजाकर नए साल के आगाज का ऐलान किया गया।
यूएई के दुबई में दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा पर लाइट, साउंड शो और आतिशबाजी ने लोगों का मन मोह लिया।
यूरोप में जश्न के बीच हादसा
ब्रिटेन में लंदन आई और टेम्स नदी के किनारे शानदार आतिशबाजी हुई। फ्रांस के पेरिस में एफिल टावर और चैंप्स एलिसीज एवेन्यू पर नए साल का उल्लास नजर आया। जर्मनी के बर्लिन में ब्रैंडेनबर्ग गेट और रीचस्टैग बिल्डिंग के ऊपर आतिशबाजी की गई।
हालांकि नीदरलैंड्स के एम्स्टर्डम में नए साल के जश्न के दौरान ऐतिहासिक वोंडेल चर्च में आग लग गई, जिससे 154 साल पुराना चर्च टावर ढह गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और इमरजेंसी अलर्ट जारी किया गया।

