पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त को 2 पेज का लेटर लिखा। इसमें राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के नाम पर आम नागरिकों को लगातार परेशान जाने का आरोप लगाया।
ममता ने लिखा- SIR प्रोसेस में मानवीय संवेदनशीलता नहीं दिखी। 77 लोगों की मौत, 4 आत्महत्या के प्रयास और 17 लोगों के बीमार होने की वजह SIR प्रक्रिया रही। लोगों में डर रहा, दबाव रहा। SIR बिना तैयारी कराया गया।
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CM ने आरोप लगाया कि नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन जैसे बुजुर्ग और सम्मानित लोगों से भी पहचान साबित करने को कहा गया। इसी तरह कवि जॉय गोस्वामी, अभिनेता-सांसद दीपक अधिकारी और क्रिकेटर मोहम्मद शमी को भी इस प्रक्रिया का सामना करना पड़ा।
दरअसल पश्चिम बंगाल में SIR की ड्राफ्ट लिस्ट में 58.20 लाख नाम कट गए हैं। ड्राफ्ट लिस्ट से पहले राज्य में 7.66 करोड़ थे, ड्राफ्ट लिस्ट में 7.08 करोड़ वोटर्स का नाम शामिल किया गया।
काटे गए वोटर्स का प्रतिशत 7.6 है, यानी हर 100 से में लगभग 8 वोटर्स का नाम हटाया गया है। हालांकि, 58.20 लाख वोटर्स में से 24.17 लाख मृत पाए गए, 1.38 लाख डुप्लीकेट या फर्जी थे, 32.65 लाख वोटर्स शिफ्ट, लापता और अन्य थे।

