•;पुलिस कमिश्नर के संज्ञान में मामला पहुंचने पर उन्होंने 145 में जमीन कुर्क की कार्रवाई शुरू कराई
आगरा। लोहा मंडी थाना पुलिस की मदद से एक हिस्ट्रीशीटर पर जमीन पर कब्जा करने के आरोप लगे हैं। अधिकारियों के संज्ञान में मामला पहुंचने के बाद काम रुकवा दिया गया। पुलिस कमिश्नर के आदेश पर एसीपी लोहा मंडी मयंक तिवारी ने जमीन 145 में कुर्क कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने चार्ज लेते ही पहली मीटिंग में थानेदारों से कहा था वह जमीनों पर कब्जे के मामले में ना पड़े। लेकिन लोहामंडी थाना पुलिस ने उनके निर्देशों को अच्छे तरीके से नहीं सुना। सैयदपाड़ा निवासी चंदो पत्नी सलाम पहलवान ने प्रार्थना पत्र दिया है। वह भूखंड को अपना बता रही हैं। दूसरे पक्ष से अली शेर उसके भाई लाला, जमशेर, औरंगजेब, बाला, दिलशेर हैं।
प्रार्थनापत्र के साथ अलीशेर का आपराधिक इतिहास भी लगाया गया है। उसके खिलाफ करीब 40 मुकदमे हैं। पूर्व में पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट में उसकी संपत्ति जब्त की थी। चंदो पक्ष का आरोप है कि अली शेर और उसके भाइयों का थाना लोहामंडी पर उठना बैठना है। पुलिस की शह पर अचानक जमीन पर काम शुरू कराया गया। शिकायत पर थाना पुलिस ने काम नहीं रुकवाया। आरोपियों ने कहा कि उनकी थाना पुलिस से अच्छी सेटिंग है झूठे मुकदमे में फसवा देंगे। उनके पक्ष के तीन लोग थाने में बैठा लिए।
मामला अपर पुलिस आयुक्त राम बदन सिंह तक पहुंचा। उन्होंने थाने पर जानकारी की तो अचानक काम रुकवा दिया गया। थानाध्यक्ष लोहामंडी रोहित कुमार अवकाश पर हैं। नाई की मंडी थाना क्षेत्र में भी एक जमीन पर जब कब्जा हुआ था तब थाना प्रभारी छुट्टी चले गए थे। बाद में उनकी संलिप्तता प्रतीत होने पर लाइन हाजिर कर दिया गया था। क्या लोहामंडी थानाध्यक्ष की भी संलिप्तता है। इस बात की अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है।
एसीपी मयंक तिवारी ने बताया कि फिलहाल काम रुकवा दिया गया है। जमीन किसकी है। यह पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम तय करेगी। भूखंड पर काम उसी के बाद होगा। अली शेर पर कई मुकदमे दर्ज हैं तो दूसरे पक्ष पर भी पांच मुकदमे दर्ज हैं।
चंदो पक्ष का कहना है कि वर्ष 1990 से जमीन पर उनका कब्जा है। वहीं अलीशेर पक्ष के पास 2010 का कोई आदेश है। फिलहाल जमीन को 145 में कुर्क किया जा रहा है। इधर सवाल यह उठ रहा है कि 2010 के आदेश की जांच किसके द्वारा की गई। किसने पुराने विवाद में काम शुरू कर
Alok Kumar Srivastava serves as the Chief Editor of Prabhat Darshan, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering political affairs, social issues, and regional developments.

