इंदौर: सोनम और राजा रघुवंशी का मामला देशभर में चर्चा में है। इस बीच इंदौर पुलिस ने खुलासा किया है कि सोनम ही राजा रघुवंशी हत्याकांड की मास्टरमाइंड है। हत्या करते वक्त सोनम, आरोपियों के साथ मौजूद थी। इंदौर क्राइम ब्रांच एसीपी पूनम चंद यादव ने कहा कि इंदौर में चारों आरोपियों ने जुर्म कबूला है।
राजा पर पहला वार विशाल ने किया था
इस मामले में खुलासा हुआ कि राजा पर पहला हमला विशाल ने किया था और फिर शव को खाई में फेंक दिया गया। लोकल से ही हथियार को खरीदा गया था। राज की पहले से इस घटनाक्रम को लेकर प्लानिंग थी और उसने ही इन तीनों आरोपियों को तैयार किया था।
राज ने 40 से 50 हजार देकर इन तीनों आरोपियों को शिलांग के लिए भेजा था। राजा और सोनम के जाने से 3 दिन पहले ही आरोपी, बाया ट्रेन इंदौर से शिलांग निकल चुके थे। ये आरोपी, सोनम से लगातार संपर्क में थे और ये जानकारी रख रहे थे कि सोनम और राजा कहां जा रहे हैं और क्या कर रहे हैं। सब कुछ मॉनीटर हो रहा था। जैसे ही मौका मिला, वैसे ही मर्डर कर दिया गया।
सोनम समेत चारों के घटना के समय इस्तेमाल किए गए मोबाइल आरोपियों ने नष्ट कर दिए थे। बाकी तकनीकी जानकारी शिलांग पुलिस के पास है।
विशाल के इस बयान के बाद होगी फॉरेंसिक जांच
विशाल ने बताया था कि घटना के समय उसकी शर्ट पर खून लगा था। वह घर में है उसकी तस्दीक के लिए उसके घर पर गए थे। शर्ट पर खून लगा है कि नहीं, इसकी फॉरेंसिक जांच होगी। यह तीनों राज के पूर्व परिचित थे और उसके साथ उठना बैठना था। ये काम पैसे के लिए तैयार होने पर किया गया या दोस्ती के लिए, यह इन्होंने नहीं बताया है। इन लोगों के आने जाने और घूमने के संबंध में राज ने पैसे दिए थे।
पुलिस का कहना है कि सोनम इंदौर आई थी या नहीं, यह मेघालय पुलिस के पास जानकारी है। अगर हमसे वह जानकारी साझा करेंगे तो हम वेरीफाई करेंगे कि वह कहां-कहां रुकी और सीसीटीवी फुटेज खंगालेंगे। इस मामले में 4 से ज्यादा आरोपी हैं या नहीं, शिलांग पुलिस इसको वेरीफाई कर रही है।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने बताया है कि सोनम हर काम में शामिल थी। इस पूरे मामले का पर्दाफाश हो चुका है।
Alok Kumar Srivastava serves as the Chief Editor of Prabhat Darshan, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering political affairs, social issues, and regional developments.

