नई दिल्ली: अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया प्लेन क्रैश की जांच को लेकर नागरिक उड्डयन मंत्रालय की एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टीगेशन ब्यूरो (AAIB) ने संसद की स्थायी समिति के सामने कई अहम जानकारियां शेयर की है. ट्रांसपोर्ट, टूरिज्म और संस्कृति से संबंधित इस समिति की बैठक में यह साफ किया गया कि भारत में किसी प्लेन हादसे की इतनी व्यापक और तकनीकी रूप से गहन जांच पहली बार की जा रही है.
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ब्लैक बॉक्स से मिले अहम सुराग
AAIB के सीनियर अधिकारी ने बताया कि दुर्घटनास्थल से बरामद ब्लैक बॉक्स पूरी तरह सुरक्षित पाए गए. इनकी डिकोडिंग के लिए अमेरिका की राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड (NTSB) ने खास किस्म के उपकरण भारत भेजे हैं. सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए दोनों ब्लैक बॉक्स को अलग-अलग विमानों से भेजा गया, ताकि किसी भी संभावित जोखिम को टाला जा सके. सूत्रों के अनुसार, ब्लैक बॉक्स से हर तकनीकी डेटा को एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के साथ हुई बातचीत से मिलाकर विश्लेषण किया जा रहा है. वहीं क्रैश प्लेन के मलबे को उसके मूल उपकरण निर्माता (OEMs) को भेजा जाएगा ताकि यह जांचा जा सके कि किसी पुर्जे में किसी तरह की कोई तकनीकी खामी तो नहीं थी.
- पहली बार है जब भारत में किसी विमान हादसे की इतनी व्यापक जांच की जा रही है.
- बरामदगी के समय ब्लैक बॉक्स सही-सलामत पाए गए.
- ब्लैक बॉक्स के विश्लेषण के लिए आवश्यक तकनीकी उपकरण एनटीएसबी द्वारा भारत पहुंचाए
- उच्चतम सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दोनों ब्लैक बॉक्स अलग-अलग विमानों में भेजे गए.
संसदीय समिति में उठे अहम सवाल
बैठक में एक सांसद ने यह मुद्दा उठाया कि रेलवे सुरक्षा आयोग, जो रेल यात्रा की सुरक्षा देखता है, वह नागरिक उड्डयन मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में क्यों काम करता है. उन्होंने सवाल किया कि जब DGCA (नागर विमानन महानिदेशालय) नागरिक उड्डयन मंत्रालय के तहत आता है, तो हवाई यात्रा की सुरक्षा की प्राथमिक जिम्मेदारी उसी को क्यों दी गई है. DGCA ने बैठक की शुरुआत में देश में हवाई यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए उठाए गए नए कदमों की विस्तृत जानकारी दी. इसके बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने एयरपोर्ट सुरक्षा को मजबूत करने के उपायों का भी जिक्र किया.
एयरलाइंस और हेलीकॉप्टर ऑपरेटर्स की भागीदारी
बैठक में एयर इंडिया, इंडिगो जैसी प्रमुख एयरलाइंस के साथ-साथ पवन हंस लिमिटेड जैसे हेलीकॉप्टर ऑपरेटर्स के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया. उन्होंने एयर सेफ्टी को और बेहतर बनाने के लिए उठाए गए तमाम कदमों की जानकारी मुहैया कराई. बैठक के अंत में नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा ने एक समग्र प्रेजेंटेशन दिया.

