उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर से बड़ी आतंकी साजिश का खुलासा हुआ है। मुज़फ्फरनगर पुलिस ने ककरौली थाना क्षेत्र से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के नाम नदीम, मनोशेर, रहीस हैं। ये तीनों आरोपी ककरौली के रहने वाले हैं। इनके पास से मोबाइल फोन मिले हैं। व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए वायरल की जा रही भड़काऊ फर्जी वीडियो भी मिले हैं।
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‘लोन वुल्फ’ आतंकी हमले की प्लानिंग
पुलिस ने खुलासा किया कि इन सभी आरोपियों साजिश दंगा भड़काने की थी। साम्प्रदायिक तनाव फैलाने और ‘लोन वुल्फ’ आतंकी हमले की प्लानिंग थी। वीडियो में महिलाओं, बच्चों की निर्मम हत्या को दिखाकर समाज में नफरत फैलाने की साजिश रची जा रही थी।
UAPA समेत इन धाराओं में दर्ज हुआ केस
पुलिस ने कहा कि इस साजिश का कनेक्शन पाकिस्तान के आतंकी और राष्ट्रविरोधी संगठनों की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता है। UAPA, आईटी एक्ट और गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करके फॉरवर्ड-बैकवर्ड लिंक की जांच की जा रही है।
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फॉरेंसिक जांच में मिले पुख्ता सबूत
सहारनपुर के DIG अभिषेक सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बताया कि संदिग्धों के व्हाट्सएप ग्रुप में Kakrauli Yuva Ekta सहित 5 भड़काऊ ग्रुप चिन्हित किए गए हैं। Voice Analysis और मोबाइल की फॉरेंसिक जांच में पुख्ता सुराग मिले हैं। कुछ वायरल वीडियो मुज़फ्फरगढ़ (पाकिस्तान) की अप्रैल 2024 की घटना से जुड़े हुए हैं।
दंगा और आतंकी घटनाओं के कराने की थी साजिश
इन गिरफ्तार संदिग्धों द्वारा देश में दंगा और आतंकी घटनाओं को कराने की साजिश थी। पुलिस की सतर्कता से एक बड़ी साजिश नाकाम किया गया है। इसमें ATS और अन्य एजेंसियां भी एक्टिव थीं।
जानिए क्या है ‘लोन वुल्फ’ हमला?
बता दें कि ‘लोन वुल्फ’ हमला एक ऐसा आतंकवादी हमला है, जो एक व्यक्ति द्वारा बिना किसी बाहरी समर्थन या संगठन के किया जाता है। यह हमलावर खुद ही हमले की योजना बनाता है। तैयारी करता है और उसे अंजाम देता है। इस तरह के हमले को आतंकी हमले के रूप में देखा जाता है।

