लोकेशन, सूरजपुर* संवाददाता, सौरभ साहू* दिनांक,12/09/2025*
सूरजपुर, छत्तीसगढ़ राज्य सहित नगर की सरकार बदल गई पर यदि कुछ नहीं बदला तो वह सूरजपुर नगर पालिका की दशा, स्थिति यह है कि नगर पालिका की जगह लोग अब इसे नरक पालिका कहने लगे हैं क्योंकि व्यवस्था ही कुछ ऐसी है सूरजपुर नगर पालिका प्रशासन की, नाली का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है और उस बीच महाविद्यालय बचते बचाते पहुंचने की चुनौती विद्यार्थियों के लिए बनी हुई है पर नगर प्रशासन इससे अनजान कैसे है यह बड़ा सवाल है?
जानकारी के अनुसार बंसल स्वीट्स सूरजपुर से महाविद्यालय जाने वाली सड़क में घरों का गंदा पानी नाली का गंदा पानी बहता है और प्रतिदिन इस सड़क से आम आदमी सहित विद्यार्थियों का आना-जाना लगा रहता है चुनौती इतनी गंभीर है कि बदबूदार पानी व गंदगी के बीच गुजरना पड़ता है वहां से गुजरने वाले की स्थिति यह होती है कि वहां से गुजरते समय वह अपने नाक और मुंह को ढंक लेते हैं ताकि उस बदबू से बच सकें और उस नाली के पानी का छींटे उन पर ना पड़ जाएं,इससे बचते बचाते निकलना उनके लिए किसी चुनौती से कम नहीं होता है,खासकर महाविद्यालय में जाने वाले विद्यार्थियों के लिए जिनका जाना व आना प्रतिदिन पैदल उस सड़कों से होता है,वाहन से आने जाने वाले तो उस गंदगी और छींटे से बच जाते हैं पर उन वाहन के छींटा से पैदल आने जाने वाले बच नहीं पाते हैं और महाविद्यालय के विद्यार्थियों को उस रास्ते से रोज पैदल आना पड़ता है और जाना पड़ता है और उस नाली के गंदे पानी से अपने यूनिफॉर्म को बचाना पड़ता है स्थिति तो यह होती है कि महाविद्यालय से आने के बाद उन्हें दोबारा घर में नहाना पड़ता है और यूनिफॉर्म साफ करना पड़ता है, कितनी परेशानी भरी स्थिति होती है इसका शायद अंदाजा नगर पालिका यानी कि सूरजपुर की नरक पालिका वाली व्यवस्था को बयां करती है।
प्रदेश में सरकार बदल गई सूरजपुर नगर सरकार बदल गई पर व्यवस्था जस की तस
2023 में प्रदेश की सरकार बदली 2025 में सूरजपुर की नगर सरकार बदल गई पर उसके बाद भी सूरजपुर नगर की स्थिति जस की तस है, जगह-जगह गंदगी आपको देखने को मिल जाएगी, नाली भरे पड़े हैं सिर्फ चमकता वही है जो आसानी से नजर में आ जाए बाकी पूरा खेल सिर्फ निर्माण में होता है पैसे हर साल निर्माण के नाम पर खर्च होते हैं साफ-सफाई के नाम पर खर्च होते हैं पर व्यवस्थाएं जस की तस है, यही वजह है कि बंसल स्वीट्स से लेकर महाविद्यालय पहुंचने वाले सड़क तक जगह-जगह नाली का गंदा पानी सड़क पर बह रहा है पर इसकी ना तो सफाई हो रही है और ना ही वहां पर नाली की व्यवस्था की जा रही है और ना ही उस गंदे पानी से आने जाने वाले को निजात मिले, इसके लिए नगर पालिका कोई कदम उठा रहा है यह स्थिति आज से नहीं कई सालों से है पर इसे सुधारने वाला नगर पालिका में कोई नहीं है।
अधिकारियों व जनप्रतिनिधि के पास कमाने के रास्ते कई पर व्यवस्था सुधारने का रास्ता कुछ नहीं?
सूरजपुर नगर पालिका में नगर पालिका अध्यक्ष से लेकर पार्षद सभी निर्वाचित है ना तो अध्यक्ष अपने पूरे शहर के लिए सकारात्मक सोच रखते हैं और ना ही पार्षद, सब अपना स्वार्थ व अपनी कमाई देख रहे हैं जिस वजह से अधिकारी व कर्मचारी के साथ मिलकर सिर्फ मलाई घोट रहे हैं जिसका उदाहरण है बदबूदार नाली का पानी सड़कों पर दिखना और नाली का अता पता नहीं होना है,सिर्फ जगह-जगह पार्क और टाइल्स पत्थर अन्य निर्माण ही देखे जाते हैं जो रोजमर्रा की ज़रूरतें हैं उस पर ध्यान नहीं है, बाकी अन्य कार्यो पर ध्यान है जहां से निर्माण करके पैसा कमाया जा सकता है आज यही वजह है कि 7 महीने में ही वर्तमान नगर सरकार के विरुद्ध लोगों आक्रोशीत है।
Alok Kumar Srivastava serves as the Chief Editor of Prabhat Darshan, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering political affairs, social issues, and regional developments.

