नई दिल्ली, 23 सितंबर 2025अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित नए H-1B वीजा नियमों ने भारत समेत दुनिया भर के तकनीकी पेशेवरों और छात्रों के बीच चिंता और भ्रम की स्थिति पैदा कर दी है। ट्रंप प्रशासन ने 21 सितंबर 2025 से नए H-1B वीजा आवेदनों पर $1,00,000 (लगभग ₹88.74 लाख) का भारी शुल्क लगा दिया है।
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क्या है नया नियम?
ट्रंप प्रशासन के इस नए नियम के अनुसार:
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अब H-1B वीजा के नए आवेदनों के लिए आवेदन शुल्क $1,00,000 देना होगा।
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यह शुल्क सिर्फ नई अप्लिकेशन पर लागू है, न कि पहले से जारी वीजा या उनके नवीनीकरण (Renewal) पर।
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इस नियम का उद्देश्य, ट्रंप प्रशासन के अनुसार, “अमेरिकी कर्मचारियों की नौकरियों की सुरक्षा करना” बताया गया है।
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भारतीयों पर खास असर
भारत, H-1B वीजा धारकों का सबसे बड़ा स्रोत देश है। अधिकांश भारतीय IT, इंजीनियरिंग, हेल्थकेयर और रिसर्च जैसे क्षेत्रों में अमेरिका जाते हैं।
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नया शुल्क अधिकांश मिडिल क्लास और स्टूडेंट्स के लिए आर्थिक रूप से असंभव हो सकता है।
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कई कंपनियां अब भारतीय कर्मचारियों को भेजने से पहले फंडिंग पर दोबारा विचार करेंगी।

