दिल्ली: राजधानी के एक मदरसे में 13 साल की एक छात्रा से वर्जिनिटी सर्टिफिकेट मांगा गया, जिसे न देने पर उसे स्कूल से ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) दे दिया गया और फीस भी वापस नहीं की गई। इस मामले ने सामाजिक और कानूनी स्तर पर विवाद खड़ा कर दिया है।
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परिवार ने आरोप लगाया कि मदरसा प्रशासन ने उनके बच्चे के साथ अन्याय किया और उसकी पढ़ाई प्रभावित की। बच्ची की मां ने कहा, “मदरसा वालों ने मेरा बच्चा का भविष्य बर्बाद कर दिया। हमने पूरी फीस दी, लेकिन अब उसे निकाल दिया गया और फीस भी वापस नहीं की गई।”
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी शिक्षण संस्थान का यह काम नहीं है कि छात्रा की व्यक्तिगत और संवेदनशील जानकारी मांगी जाए। यह कार्रवाई कानून और बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन मानी जाएगी।
पुलिस और महिला अधिकार संगठनों ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकार से इस तरह के मामलों में कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

