पटना — बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान (6 नवंबर, 2025) से कुछ ही दिनों पहले राजनीति में तेजी दिख रही है। आज (1 नवंबर 2025) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बिहार के दौरे पर हैं और वह जनता से NDA के पक्ष में वोट की अपील करेंगे। इसी बीच मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या के मामले में कथित रूप से शामिल रहे चर्चित नेता अनंत सिंह की गिरफ्तारी ने राज्य की सियासत में हलचल पैदा कर दी है।
मामले के ताजा घटनाक्रम से जुड़ीं बातें:
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पुलिस सूत्रों के अनुसार अनंत सिंह को मोकामा के दुलारचंद यादव मर्डर केस में गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक दलों और स्थानीय जनता में तीखी प्रतिक्रियाएँ देखने को मिल रही हैं।
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दुलारचंद यादव के परिवार ने आक्रोश जाहिर किया है। उनके पोते ने मीडिया से कहा, “हम सब मांग कर रहे हैं कि इसमें शामिल पांचों लोगों को गिरफ्तार किया जाए। जब तक उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाता, हम ‘ब्रह्मभोज’ नहीं करेंगे। हमने ‘ब्रह्मभोज’ इसलिए नहीं किया, क्योंकि मेरे दादाजी की हत्या हुई थी, उनकी मौत किसी बीमारी से नहीं हुई थी। जब तक मेरे दादाजी के हत्यारों को मौत की सजा नहीं मिल जाती, हम ‘ब्रह्मभोज’ नहीं करेंगे।” परिवार के इस बयान ने माहौल को और संवेदनशील बना दिया है।
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गिरफ्तारी और परिवार के बयानों ने चुनावी कैंपेन में विपक्ष और प्रशासकीय तंत्र दोनों के खिलाफ भी सवाल खड़े कर दिए हैं — खासकर उस इलाके में जहां अपराध, राजनीतिक दखल और सामाजिक आक्रोश जुड़ा हुआ विषय है।
राजनीतिक परिप्रेक्ष्य:
चुनावी माहौल पहले से ही गर्म था — पार्टियाँ आख़िरी दिनों में वोटरों को लुभाने के लिए रैलियाँ, रोडशो और स्थानीय मुद्दों पर जोर दे रही हैं। अनंत सिंह की गिरफ्तारी ने विपक्ष को नए राजनीतिक तर्क देने का अवसर दिया है और समर्थक/प्रत्युत्तर में बीजेपी और NDA की तरफ से भी सुरक्षा, कानून व्यवस्था और त्वरित कार्रवाई जैसे मुद्दों पर जोर दिया जा सकता है।
सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारी:
चुनाव आयोग और स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि मतदान की शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए सख्त इंतज़ाम किए जा रहे हैं। (स्थानीय स्तर पर अतिरिक्त बल, अतिरिक्त पेट्रोलिंग और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने की रिपोर्टें आ रही हैं।)

