नई दिल्ली। जीएसटी दरों में कटौती से देश के खुदरा बाजार और घरेलू खपत को बड़ी राहत मिली है। इससे न सिर्फ घरेलू मांग और खर्च में वृद्धि हुई है, बल्कि भारत के निर्यात पर अमेरिकी टैरिफ के असर को भी कम करने में मदद मिली है।
एचएसबीसी ग्लोबल में कहा गया है कि जीएसटी दरों में कमी के बाद खुदरा कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, जिससे उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति बढ़ी है। रिपोर्ट के अनुसार, “कुल मिलाकर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में वृद्धि जारी रही है और घरेलू ऑर्डरों में आई तेजी ने निर्यात ऑर्डरों में हुई गिरावट के प्रभाव को निष्प्रभावी कर दिया है।”
विश्लेषकों का कहना है कि कर दरों में कमी से उत्पादन लागत घटी है, जिससे लघु और मध्यम उद्योगों (MSME) को भी राहत मिली है। वहीं, घरेलू बाजार में मांग बढ़ने से भारत की औद्योगिक वृद्धि दर को मजबूती मिली है।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह प्रवृत्ति जारी रही, तो आने वाले महीनों में मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ और रोज़गार सृजन में और तेजी देखी जा सकती है।

