चंडीगढ़, 8 नवंबर: चंडीगढ़ में आयोजित मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल में पहुंचे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने भारत की सामरिक स्थिति और समुद्री ताकत पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय महासागर क्षेत्र (Indian Ocean Region) में भारत की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और भारत आज कई देशों के लिए पहला मददगार और पसंदीदा साझेदार बन चुका है।
सीडीएस ने कहा, “भारत एक समुद्री और जमीनी दोनों तरह की ताकत है, लेकिन हमारे जमीनी विस्तार की सीमाएं हैं। पश्चिम में अफगानिस्तान, उत्तर में चीन और पूर्व में म्यांमार की अस्थिरता के कारण भारत का विस्तार सीमित है, इसलिए हमारा भविष्य समुद्र से जुड़ा है।”
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उन्होंने चीन का उदाहरण देते हुए कहा कि चीन की ज्यादातर आबादी और औद्योगिक विकास तटीय इलाकों में केंद्रित है, जिससे वह एक ‘रिमलैंड पावर’ बन गया है। हालांकि इतिहास में चीन ज़मीनी व्यापार मार्गों पर निर्भर रहा है, सिवाय उस दौर के जब एडमिरल झेंग ही ने समुद्री यात्राएं की थीं।
जनरल चौहान ने कहा कि भारत को अब अपने समुद्री सामर्थ्य और रणनीतिक साझेदारियों को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ना होगा, क्योंकि आने वाला दशक हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की भूमिका तय करेगा।

