CM Yogi Adityanath , लखनऊ। राजधानी लखनऊ में आयोजित मुख्य न्यायाधीशों के 26वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ शनिवार को भव्य रूप से हुआ। इस महत्वपूर्ण वैश्विक मंच पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की प्राचीन परंपरा, संस्कृति और जीवन दृष्टि सदा से पूरे विश्व को एक परिवार की तरह देखती है। उन्होंने कहा कि भारत की न्याय व्यवस्था न केवल अपने नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करती है, बल्कि विश्वभर के देशों के लिए भी शांति, न्याय और मानवता का संदेश देती है।
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सीएम योगी ने कहा कि विश्व जिस दौर से गुजर रहा है, उसमें न्यायिक सहयोग और संवाद की भूमिका और भी अहम हो जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने हमेशा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानून के शासन, पारदर्शिता और मानवाधिकारों की रक्षा को प्राथमिकता दी है।
सम्मेलन में दुनिया के 30 से अधिक देशों के मुख्य न्यायाधीश, कानूनी विशेषज्ञ और न्यायिक प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान न्यायिक सुधारों, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, साइबर अपराध, मानवाधिकार सुरक्षा, और न्यायिक प्रक्रिया को तेज करने जैसे विषयों पर विस्तृत मंथन किया गया।
सीएम योगी ने यह भी बताया कि भारत डिजिटल न्याय प्रणाली की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि ई-कोर्ट्स, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और ऑनलाइन केस मैनेजमेंट सिस्टम ने न्यायिक प्रक्रिया को सरल व सुगम बनाया है, जिससे आम नागरिकों को राहत मिली है।
सम्मेलन के दौरान भारत की न्याय व्यवस्था की विशेष उपलब्धियों और न्यायिक परंपराओं का भी प्रस्तुतिकरण किया गया। प्रतिनिधियों ने भारतीय न्यायिक प्रणाली को संतुलित, पारदर्शी और परिवर्तनशील बताते हुए इसकी सराहना की।
इस आयोजन को भारत की वैश्विक नेतृत्व क्षमता और न्यायिक सहयोग को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

