लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) जारी है और रिपोर्टों के अनुसार राज्यभर में तीन करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा सकते हैं। इसमें मुख्य रूप से अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृतक और अन्यत्र दर्ज (ASD) श्रेणी के मतदाता शामिल हैं।
विशेष रूप से लखनऊ और गाजियाबाद में यह संख्या 25-30 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। चुनाव आयोग ने बताया कि औरैया, आजमगढ़ और एटा जिलों ने एसआईआर की प्रक्रिया पूरी कर ली है और शेष जिलों में भी इसे शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
एसआईआर का उद्देश्य और महत्व
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मतदाता सूची को सटीक और अद्यतन बनाना।
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मृतक या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाकर सूची को स्वच्छ करना।
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चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाना।
राज्यवासियों के लिए जानकारी
चुनाव आयोग ने सभी मतदाताओं से अनुरोध किया है कि वे अपने नाम और विवरण की जाँच कर लें। यदि किसी मतदाता को अपनी जानकारी में कोई त्रुटि दिखती है तो वे स्थानीय निर्वाचन कार्यालय से संपर्क कर इसे सुधार सकते हैं।
अगली प्रक्रिया
एसआईआर पूरी होने के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी, जिससे आगामी चुनावों में केवल वैध और सक्रिय मतदाताओं को ही वोटिंग का अधिकार मिलेगा।

