लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस वित्तीय वर्ष के अंत तक 74 प्रतिशत परिषदीय स्कूलों में स्मार्ट क्लास शुरू करने का लक्ष्य तय किया है। वर्तमान में राज्य के केवल 46.79% स्कूलों में ही स्मार्ट क्लास की सुविधा मौजूद है। इस योजना में उच्च प्राथमिक, कम्पोजिट और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) शामिल हैं।
नई शिक्षा नीति के तहत स्मार्ट क्लास का महत्व
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नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुसार, सभी स्कूलों को स्मार्ट क्लास और वाई-फाई से लैस करने का निर्देश दिया गया है।
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डिजिटल शिक्षा के माध्यम से छात्रों की सीखने की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
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शिक्षकों और छात्रों के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग कर शिक्षण अनुभव को समृद्ध करने का प्रयास।
CSR फंड से भी मिली मदद
कुछ स्कूलों में कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड से स्मार्ट क्लास स्थापित की गई हैं। इससे सरकारी प्रयासों के साथ-साथ निजी क्षेत्र की भागीदारी से शिक्षा के क्षेत्र में सुधार की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है।
सरकार की योजना और लक्ष्य
उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि अगले वित्तीय वर्ष तक राज्य के लगभग सभी परिषदीय स्कूलों में डिजिटल शिक्षा की सुविधा उपलब्ध हो। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बच्चों को समान स्तर की गुणवत्ता वाली शिक्षा मिल सकेगी।

