मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में एक ऐतिहासिक मोड़ सामने आया है। करीब 20 साल बाद उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की पार्टियों ने गठबंधन का ऐलान किया है। इस राजनीतिक एकता को आगामी नगर निगम चुनावों से पहले बेहद अहम माना जा रहा है।
गठबंधन की घोषणा के दौरान दोनों नेताओं ने एक सुर में कहा, “हमारी सोच एक है, बंटेंगे तो बिखरेंगे।” उन्होंने स्पष्ट किया कि मराठी अस्मिता, महाराष्ट्र के हित और स्थानीय मुद्दों पर दोनों दल मिलकर चुनाव लड़ेंगे।
यह गठबंधन ऐसे समय में हुआ है जब राज्य में 29 नगर निगमों के चुनाव होने जा रहे हैं। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, 15 जनवरी को मतदान कराया जाएगा। ऐसे में यह राजनीतिक समझौता सत्ताधारी दलों के लिए चुनौती बढ़ा सकता है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) का साथ आना मराठी वोट बैंक को एकजुट कर सकता है। दोनों दलों के अलग होने के बाद पहली बार इस तरह का औपचारिक गठबंधन सामने आया है।
हालांकि सीट बंटवारे और साझा एजेंडे को लेकर विस्तृत घोषणा अभी होना बाकी है, लेकिन संकेत साफ हैं कि आने वाले चुनावों में यह गठबंधन महाराष्ट्र की राजनीति की दिशा बदल सकता है।

