लखनऊ। योगी सरकार ने अयोध्या को वैश्विक स्तर पर एक प्रमुख सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। इसी क्रम में राज्य कैबिनेट ने टाटा सन्स के सहयोग से प्रस्तावित विश्व स्तरीय ‘मंदिर संग्रहालय’ के दायरे को और व्यापक करने का फैसला किया है।
कैबिनेट में हुई चर्चा के बाद लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि टाटा सन्स ने अपने सीएसआर फंड से अयोध्या में अत्याधुनिक मंदिर संग्रहालय विकसित करने और उसका संचालन करने की इच्छा व्यक्त की है। इस परियोजना के लिए कम्पनी एक्ट 2013 की धारा 8 के तहत एक गैर-लाभकारी विशेष प्रयोजन वाहन (SPV) का गठन किया जाएगा, जिसके माध्यम से पूरे प्रोजेक्ट को संचालित किया जाएगा।
यह संग्रहालय अयोध्या के धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व को दुनिया के सामने नए और आधुनिक स्वरूप में प्रस्तुत करेगा। अत्याधुनिक तकनीक, डिजिटल प्रदर्शन, इंटरैक्टिव गैलरी और भारत की प्राचीन मंदिर विरासत से जुड़े दुर्लभ संग्रह यहां प्रदर्शित किए जाएंगे।
विशेषज्ञ मानते हैं कि इस संग्रहालय के बनने से अयोध्या न सिर्फ तीर्थस्थल के रूप में, बल्कि एक वैश्विक सांस्कृतिक केंद्र के रूप में भी स्थापित होगी। इससे देशी-विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।

