नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र में बुधवार को SIR पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। शाह ने कहा कि विपक्ष पिछले कई महीनों से “वोट चोरी” का मुद्दा उछाल रहा है, लेकिन अब समय आ गया है कि देश को बताया जाए कि वास्तव में वोट चोरी क्या होती है और कब होती है।

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“वोट चोरी के तीन स्पष्ट आधार” — अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री ने सदन में वोट चोरी की परिभाषा समझाते हुए कहा कि वोट चोरी तीन स्थितियों में मानी जाती है:

  1. योग्यता न होने पर भी वोटर बन जाना
    शाह ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति पात्रता के बिना वोटर लिस्ट में शामिल हो जाता है, तो यह सीधा-सीधा वोट चोरी है।

  2. गलत तरीके से चुनाव जीतना
    उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई उम्मीदवार अनुचित साधनों से चुनाव जीतता है, तो यह भी वोट चोरी की श्रेणी में आता है।

  3. वोट के विपरीत पद प्राप्त करना
    शाह ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति जनता के मतदान के अनुरूप न होकर भी पद प्राप्त कर लेता है, तो यह भी वोट चोरी का ही हिस्सा है।

विपक्ष भ्रम फैला रहा है — गृह मंत्री

अमित शाह ने आरोप लगाया कि विपक्ष देश में लगातार इस मुद्दे को लेकर भ्रम और गलतफहमी फैला रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का उद्देश्य जनता में गलत संदेश देना है, जबकि वास्तविकता बिल्कुल अलग है।

सदन में बढ़ी राजनीतिक गर्मी

अमित शाह के इस बयान के बाद सदन में राजनीतिक गर्मी बढ़ गई। सत्ता पक्ष ने शाह के तर्कों का समर्थन किया, जबकि विपक्ष ने विरोध दर्ज कराया। हालांकि, गृह मंत्री ने कहा कि सरकार पारदर्शी चुनाव प्रणाली के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी तरह की वोट चोरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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Alok Kumar Srivastava
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