आगरा। जो बनने जा रहा था कानून का रक्षक, उसी पर लग गया अब दहेज मांगने का आरोप। थाना शाहगंज में दर्ज कराई गई एक युवती की तहरीर ने पुलिस विभाग के एक नए भर्ती रिक्रूट की नैतिकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। युवती का आरोप है कि जब लड़के की नौकरी संविदा पर थी तब रिश्ता मंजूर था, लेकिन अब पुलिस में चयन होते ही नीयत और तेवर दोनों बदल गए।
सदर क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता ने बताया कि 20 जनवरी को आशीष पिप्पल से उसकी शादी तय हुई थी। उस समय आशीष बिचपुरी ब्लॉक में संविदा कर्मचारी था। परंतु अब पुलिस भर्ती में चयन के बाद वह न केवल शादी से मुकर गया, बल्कि 30 लाख रुपये दहेज की मांग करने लगा।
पीड़िता के अनुसार, आशीष और उसके परिवारजन सुजाता, उमेश पिप्पल, दीपक, रौनक और राजन (निवासी सुभाष नगर, शाहगंज) अब कह रहे हैं कि यदि शादी दबाव में हुई तो चंद दिनों में तलाक दे दिया जाएगा।
पीडिता ने कहा कि शादी के नाम पर उसके साथ छल किया गया। उसके परिजन इतने पैसे नहीं दे सकते, और अब शादी टूटने पर समाज में बदनामी और मानसिक यंत्रणा का डर सता रहा है।
एक तरफ आशीष वर्दी पहनकर कानून की रक्षा करेगा, दूसरी तरफ दहेज उत्पीड़न, धोखाधड़ी, और मानसिक प्रताड़ना जैसे संगीन आरोप उसके और उसके परिवार पर लगे हैं। थाना शाहगंज पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।
Alok Kumar Srivastava serves as the Chief Editor of Prabhat Darshan, a Hindi-language news outlet. He is credited as the author of articles covering political affairs, social issues, and regional developments.
