साइबर अपराधी लोगों को हर रोज नए तरीके से चूना लगा रहे हैं। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में हर रोज 6,000 से भी ज्यादा लोग ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार होते हैं। इसकी वजह से हर साल सैकड़ों करोड़ रुपये का नुकसान होता है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें साइबर अपराधी Amazon कैशबैक के नाम पर यूजर को चूना लगाने की कोशिश करता है। हालांकि, अपनी सूझबूझ से यूजर साइबर अपराधी की जाल में नहीं फंसता है।

रूस से कच्चे तेल का आयात बंद करना भारी घाटे का सौदा, भारत को इतने अरब डॉलर की लगेगी चपत

किस तरह करते हैं ठगी?

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर @rishibagree नाम के यूजर ने 5 मिनट का एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें हैकर कैशबैक के नाम पर 8,999 रुपये की ठगी करने की कोशिश करता है। स्कैमर कैशबैक देने के लिए यूजर्स को अकाउंट वेरिफिकेशन करने के लिए कहता है। इसके लिए स्कैमर यूजर को एक लिंक भेजा जाता है। इसके बाद यूजर्स को UPI ऐप के जरिए पेमेंट मांगा जाता है, जहां आप Amazon लिखा हुआ देख सकते हैं।

साइबर अपराधी यूजर को पिन दर्ज करके इसे प्रोसेस करने के लिए कहता है। हालांकि, यूजर ने समझदारी दिखाते हुए पिन दर्ज नहीं किया और फ्रॉड से खुद को बचा लिया। इस तरह आपके पास भी कैशबैक, प्राइज या फिर डिस्काउंट के नाम पर कॉल आ सकता है। स्कैमर जिस नंबर से यूजर को कॉल करता है वो एक VoIP यानी इंटरनेट ऑपरेटेड कॉल होता है, जो +115 से शुरू होता है। इस तरह के VoIP नंबर को ट्रेस करना आसान नहीं होता है। स्कैमर खुद कोबचाने के लिए इन नंबरों का सहारा लेते हैं।

IND vs PAK के बीच इस ग्राउंड में होगी एशिया कप 2025 में भिड़ंत, ACC ने किया बड़ा ऐलान

कैसे बचें?

  • जैसा कि वीडियो में दिखाया गया है, आपको किसी भी इंटरनेशनल नंबर या फिर VoIP नंबर से आने वाले कॉल्स को इग्नोर करना चाहिए।
  • अगर, आपने गलती से ऐसे कॉल्स उठा भी लिए तो अपनी कोई निजी जानकारी किसी के साथ शेयर न करें।
  • किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और कैशबैक या फिर प्राइड के झांसे में न आएं।
  • इस तरह के कॉल्स, मैसेज आदि को सरकार के चक्षु पोर्टल पर रिपोर्ट करें।

 

Share.

Alok Kumar Srivastava
Chief Editor

Address :    104, Bharsar, District – Ghazipur, Uttar Pradesh – 233300

Mobile        +91-98388 99305
Email        prabhatdarshan25@gmail.com

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031

© 2025 prabhatdarshan.com 

Exit mobile version