पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के रुझानों में प्रशांत किशोर (PK) की जन सुराज पार्टी को बड़ा झटका लगा है। पार्टी ने इस बार 234 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे और शुरुआत में कुछ स्थानों पर मामूली बढ़त भी दिखाई दी थी, लेकिन जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ी, जन सुराज की बढ़त पूरी तरह गायब हो गई। अब स्थिति यह है कि एक भी सीट पर जन सुराज आगे नहीं चल रही है।
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एनडीए की भारी जीत, जन सुराज के लिए निराशाजनक नतीजे
रुझानों के अनुसार, बिहार में एनडीए (NDA) को भारी जीत मिलती दिख रही है। बीजेपी और जदयू कई सीटों पर बड़ी बढ़त बना चुकी हैं। इस माहौल में जन सुराज का पूरी तरह पिछड़ जाना पार्टी समर्थकों के लिए बड़ा झटका है।
सोशल मीडिया पर जन सुराज की ट्रोलिंग तेज
जन सुराज की हर सीट पर खराब स्थिति देखकर सोशल मीडिया पर मीम्स और कमेंट्स की बाढ़ आ गई है।
यूजर्स लिख रहे हैं—
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“ई तो गजब हो गईल!”
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“पीके का ग्राउंड कनेक्शन कहां गया?”
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“खाता खुलने का इंतजार करते-करते दिन बीत गया।”
पीके की राजनीतिक भविष्यवाणियों पर भी लोग मजाक बना रहे हैं।
जदयू पर PK का दावा अब बना गले की फांस
चुनाव प्रचार के दौरान प्रशांत किशोर ने दावा किया था कि—
“जदयू 25 से ज्यादा सीट नहीं जीतेगी। अगर जीती, तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा।”
अब रुझानों में जदयू 80 से 85 सीटों पर मजबूत बढ़त बनाए हुए है।
इस बीच PK का पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और लोग लगातार पूछ रहे हैं—
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क्या पीके राजनीति छोड़ देंगे?
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क्या वह अपना वादा निभाएंगे?
प्रमुख उम्मीदवार भी पिछड़े
जन सुराज के कई बड़े चेहरे भी चुनावी मैदान में संघर्ष करते दिख रहे हैं—
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करगहर से रितेश रंजन — हजारों वोटों से पीछे
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चनपटिया से मनीष कश्यप — एनडीए प्रत्याशी से बड़े अंतर से पिछड़ते हुए
इन नतीजों ने पार्टी के राजनीतिक भविष्य पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या जन सुराज का खाता खुल पाएगा?
मतगणना के अंतिम चरण तक उम्मीदें जिंदा हैं, लेकिन मौजूदा स्थिति बताती है कि जन सुराज पार्टी का खाता खुलना भी मुश्किल दिखाई दे रहा है। रुझान जस के तस रहे तो प्रशांत किशोर और उनकी पार्टी को 2025 चुनाव में बड़ी हार का सामना करना पड़ सकता है।

