गया (बिहार): बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार किया। बुधवार को गया जिले के वजीरगंज विधानसभा क्षेत्र में जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि “2005 के पहले बिहार में अपराध, जातीय संघर्ष, माओवाद और नक्सलवाद चरम पर था।”
उन्होंने आरोप लगाया कि लालू प्रसाद यादव के शासनकाल में 60 से अधिक जातीय नरसंहार और 30 हजार से अधिक अपहरण की घटनाएँ हुईं। उस दौर में व्यापारी, डॉक्टर, इंजीनियर और संभ्रांत नागरिक असुरक्षित महसूस करते थे।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बिहार के लाखों लोगों को उस समय “जंगलराज” से बचने के लिए यूपी के गोरखपुर और वाराणसी जैसे शहरों में पलायन करना पड़ा। वहीं उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि “बीते 20 वर्षों में बिहार में सुशासन की मजबूत नींव रखी गई है।”
सीएम योगी ने विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि अब बिहार रोड, रेल, एयर और वाटरवे कनेक्टिविटी से जुड़ चुका है। उन्होंने बताया कि किसानों के उत्पाद और बिहार का प्रसिद्ध मखाना अब जलमार्ग के जरिए वैश्विक बाजारों तक पहुँच रहा है।
सभा में सीएम योगी ने गया की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि “गया की धरती ज्ञान, मुक्ति और अध्यात्म की भूमि है। सनातन परंपरा के अनुसार स्वर्गलोक के पितर भी इसी धरती पर आकर तृप्त होते हैं।”
इस दौरान उन्होंने भाजपा प्रत्याशी बीरेंद्र सिंह के पक्ष में समर्थन मांगा और कहा कि भाजपा ही वह पार्टी है जो विकास, सुरक्षा और सुशासन की गारंटी देती है।
