वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर रानी अहिल्याबाई की मूर्ति टूटने को लेकर चल रहे विवाद पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को प्रतिक्रिया दी। सीएम योगी ने इस मामले के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि मूर्ति को लेकर फैलाया गया भ्रम एक साजिश का हिस्सा है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि रानी अहिल्याबाई की प्रतिमा पूरी तरह सुरक्षित है और उसे कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से मूर्ति टूटने का फर्जी वीडियो बनवाया, ताकि काशी की छवि को बदनाम किया जा सके।
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सीएम योगी ने कहा, “यह काशी को बदनाम करने की साजिश है। इसी कारण मुझे खुद यहां आना पड़ा। सच्चाई सामने आनी चाहिए और इस साजिश का पर्दाफाश होना चाहिए।” उन्होंने यह भी बताया कि मणिकर्णिका घाट पर फिलहाल निर्माण कार्य रोका गया है, ताकि स्थिति की पूरी तरह जांच की जा सके।
इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। जहां एक ओर भाजपा ने इसे काशी और उसकी सांस्कृतिक विरासत को बदनाम करने की कोशिश बताया है, वहीं विपक्ष की ओर से इन आरोपों को खारिज किया जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर भी मामले की समीक्षा की जा रही है।

