नई दिल्ली, 05 नवंबर: उत्तर भारत में अब कड़ाके की ठंड दस्तक देने को तैयार है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो गया है, जिसका असर आने वाले दिनों में स्पष्ट रूप से देखने को मिलेगा।

मौसम विभाग ने बताया कि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में अगले कुछ दिनों तक बारिश और बर्फबारी की संभावना है। वहीं, कई जिलों में येलो अलर्ट जारी कर दिया गया है।

पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और बारिश का अलर्ट

IMD ने 4 से 7 नवंबर तक उत्तर भारत के कई हिस्सों में आंधी-तूफान और गर्जन के साथ बारिश की चेतावनी दी है।

  • जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 40–50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

  • उत्तराखंड के उत्तरकाशी, चमोली, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।

  • हिमाचल प्रदेश के कुल्लू, मंडी, ऊना, शिमला, हमीरपुर, कांगड़ा, लाहौल-स्पीति और किन्नौर में बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है।

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, इन इलाकों में बर्फबारी के बाद उत्तर भारत में ठंड तेजी से बढ़ेगी और मैदानी इलाकों में तापमान में गिरावट देखी जा सकती है।

दक्षिण भारत में भारी बारिश की चेतावनी

इस बीच, बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र (Low Pressure Area) के कारण दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

  • महाराष्ट्र, कोंकण तट, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, त्रिपुरा, मिजोरम और नागालैंड में येलो अलर्ट घोषित किया गया है।

  • तमिलनाडु में आज भारी से बहुत भारी बारिश और आंधी-तूफान की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत में 7 नवंबर के बाद ठंडक और बढ़ेगी, जबकि दक्षिण भारत में अगले कुछ दिनों तक बरसात का दौर जारी रहेगा। दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में भी अगले हफ्ते से ठंड बढ़ने के आसार हैं।

Share.

Alok Kumar Srivastava
Chief Editor

Address :    104, Bharsar, District – Ghazipur, Uttar Pradesh – 233300

Mobile        +91-98388 99305
Email        prabhatdarshan25@gmail.com

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031

© 2025 prabhatdarshan.com 

Exit mobile version