Election Commission , नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की तारीख आगे बढ़ा दी है। पहले यह सूची 5 जनवरी को जारी की जानी थी, लेकिन अब आयोग ने समयसीमा बढ़ाते हुए नई तारीख 6 फरवरी निर्धारित कर दी है। यह निर्णय देशभर से प्राप्त सुझावों, क्षेत्रीय अधिकारियों की रिपोर्टों और मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया में आ रही तकनीकी जटिलताओं को देखते हुए लिया गया है।
मतदाता पंजीकरण और आपत्तियों के निपटारे को मिलेगा अतिरिक्त समय
चुनाव आयोग ने बताया कि समयसीमा बढ़ाने का उद्देश्य अधिक से अधिक योग्य नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना है। नई तारीख के बाद अब लोग नई वोटर आईडी आवेदन, नाम सुधार, पते में बदलाव और डिलीशन से संबंधित आवेदन निर्धारित अवधि तक कर सकेंगे।
आयोग ने सभी राज्यों को निर्देश दिया है कि पात्र लोगों का नाम किसी भी कीमत पर छूटने न पाए।
मौके पर सत्यापन और बूथ लेवल अधिकारियों की भूमिका बढ़ी
कई राज्यों से फील्ड रिपोर्ट मिली थी कि घर-घर सत्यापन का काम अभी चल रहा है और त्योहारी सीजन के कारण कई क्षेत्रों में कार्य प्रभावित हुआ। इसी को ध्यान में रखते हुए आयोग ने बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को अतिरिक्त समय देते हुए फील्ड वेरिफिकेशन और दस्तावेज सत्यापन की पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
राजनैतिक दलों ने किया स्वागत
कई राजनीतिक दलों ने इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि समयसीमा बढ़ने से नए मतदाताओं, खासकर युवाओं और स्थानांतरित होने वाले लोगों को मतदाता सूची में शामिल होने का पर्याप्त अवसर मिलेगा।
हालांकि कुछ दलों ने यह भी कहा कि मतदाता सूची की प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति बढ़ाने की आवश्यकता है।
कौन-कौन कर सकता है अभी आवेदन?
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18 वर्ष या उससे अधिक आयु के नए मतदाता
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स्थान बदल चुके नागरिक
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जिनके नाम में त्रुटि है
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जिनके परिवार के मृत सदस्यों के नाम अभी सूची में बने हैं
आयोग ने सभी राजनैतिक दलों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक लोगों को मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए प्रेरित करें।
अगले चरणों का कैलेंडर भी अपडेट होगा
समयसीमा बढ़ने के बाद निर्वाचन प्रक्रिया की आगे की तिथियों में भी मामूली बदलाव किया जा सकता है।
आयोग जल्द ही अद्यतन कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी जारी करेगा।
