अमेरिका। गुरुवार सुबह अमेरिकी वायुसेना का एक F-16 फाइटिंग फाल्कन लड़ाकू विमान दक्षिणी कैलिफोर्निया के ट्रॉना शहर के पास क्रैश हो गया। हादसे से कुछ सेकेंड पहले पायलट पैराशूट की मदद से सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहा, जिससे उसकी जान बच गई।
यह घटना स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 10:45 बजे ट्रॉना एयरपोर्ट से लगभग तीन किलोमीटर दूर एक रेगिस्तानी इलाके में हुई। एयरपोर्ट मैनेजर के अनुसार, इस क्षेत्र में मिलिट्री जेट्स का आना-जाना आम बात है।
वीडियो में दिखा तेज धमाका और काला धुआं
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में देखा गया कि F-16 फाइटर जेट तेज गति से नीचे गिरा और पायलट तुरंत इजेक्ट होकर पैराशूट के सहारे नीचे उतर आया। जमीन से टकराते ही विमान में बड़ा धमाका हुआ और आग के साथ काला धुआं आसमान में फैल गया।
हादसे के बाद विमान के कई पुर्जे दूर-दूर तक बिखरे मिले। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड टीम ने बताया कि आसपास के क्षेत्र को किसी तरह का खतरा नहीं है।
थंडरबर्ड्स स्क्वाड्रन का विमान था F-16
अमेरिकी एयरफोर्स के 2021 के आंकड़ों के अनुसार, एक F-16 फाइटिंग फाल्कन की कीमत लगभग 18.8 मिलियन डॉलर (करीब 1.70 हजार करोड़ रुपए) होती है।
क्रैश हुआ विमान वायुसेना की ख्याति प्राप्त थंडरबर्ड्स स्क्वाड्रन का था, जो नेवादा के नेलिस एयरफोर्स बेस से संचालित होता है और अपने हाई-रिस्क एयर शो और विशेष स्टंट के लिए दुनियाभर में जाना जाता है।
थंडरबर्ड्स टीम के अनुसार, ट्रेनिंग मिशन के दौरान पायलट ने सुरक्षित इजेक्ट किया। उसे मामूली चोटें आई हैं और अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
क्रैश का कारण अज्ञात, जांच जारी
अधिकारियों ने बताया कि सुबह ट्रेनिंग के लिए छह F-16 जेट उड़ान पर गए थे, लेकिन केवल पांच ही वापस लौटे। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक विमान चाइना लेक नेवल एयर वेपन्स स्टेशन के करीब गिरा, जो अक्सर सैन्य अभ्यासों के लिए उपयोग किया जाने वाला क्षेत्र है।
यूएस एयरफोर्स की 57th विंग पब्लिक अफेयर्स के अनुसार, क्रैश के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद और जानकारी साझा की जाएगी।
दुनियाभर में लोकप्रिय है F-16 फाइटर जेट
F-16 दुनिया के सबसे प्रभावी मल्टी-रोल फाइटर जेट्स में से एक है। 1970 के दशक में जनरल डायनामिक्स द्वारा विकसित इस विमान का निर्माण अब लॉकहीड मार्टिन करती है।
2 फरवरी 1974 को इसकी पहली उड़ान हुई थी, जबकि 21 जुलाई 1980 को इसे आधिकारिक नाम “फाइटिंग फाल्कन” दिया गया।
