साइबर क्राइम की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए सरकार ने यूजर्स के लिए एडवाइजरी जारी की है। राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल ने यूजर्स को पासवर्ड को लेकर कई सुझाव दिए हैं, जिनमें पासवर्ड बनाने से लेकर उसके इस्तेमाल को लेकर ये एडवाइजरी जारी की है। हर रोज साइबर क्राइम की खबरें सामने आती हैं, जिनमें लोगों की गाढ़ी कमाई ठग उड़ा लेते हैं।

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हाल ही में साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल ने बताया कि भारत में हर रोज 6,000 से ज्यादा लोग ठगी के शिकार होते हैं। ज्यादातर साइबर क्राइम की घटनाओं में जाने या अनजाने में यूजर की गलती होती है। साइबर अपराधी लोगों को सोशल इंजीनियरिंग के जरिए अपनी जाल में फंसाते हैं और उनके साथ ठगी करते हैं। डिजिटल वर्ल्ड में ज्यादातर यूजर्स पासवर्ड बनाते और इस्तेमाल करते समय कुछ गलतियां करते हैं, जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ता है।

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क्यों जरूरी है पासवर्ड?

डिजिटल प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने के लिए पासवर्ड की जरूरत होती है। पासवर्ड जिसे डिजिटल ताला भी कहा जाता है। यह आपके बैंक और सोशल मीडिया अकाउंट को सिक्योर करता है। जिस तरह ताले की चाभी किसी के हाथ लगने से चोरी होने की संभावना रहती है। ठीक उसी तरह पासवर्ड अगर कमजोर हुआ तो आपके बैंक और सोशल मीडिया अकाउंट का एक्सेस अपराधियों को हो जाता है। इसलिए पासवर्ड बनाते और इस्तेमाल करते समय इन सावधानियों को बरतने की जरूरत है।

इन 5 बातों का रखें ध्यान

  1. राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के मुताबिक, कोई भी पासवर्ड बनाते समय ये ध्यान में रखना चाहिए कि यह काफी मजबूत हो। पासवर्ड को मजबूत या स्ट्रॉन्ग बनाने के लिए इसमें अल्फा-न्यूमैरिक और स्पेशल कैरेक्टर का कम्बिनेशन रखना चाहिए। इसमें अपर और लोअर केस लेटर्स के साथ-साथ नंबर और स्पेशल कैरेक्टर का इस्तेमाल करना चाहि।
  2. पासवर्ड की लंबाई कम से कम 8 डिजिट की होनी चाहिए। 8 से कम डिजिट वाले पासवर्ड को आसानी से क्रैक किया जा सकता है। AI के आने के बाद से पासवर्ड को सुरक्षित रखने के लिए ज्यादा डिजिट्स यूज करना चाहिए, ताकि एआई को भी पासवर्ड का करेक्ट कम्बिनेशन खोजने में मुश्किल हो सके।
  3. सोशल मीडिया और बैंक अकाउंट्स के लिए एक ही पासवर्ड के इस्तेमाल से बचें। उदाहरण के तौर पर सोशल मीडिया और बैंक अकाउंट्स के पासवर्ड एक जैसे नहीं होने चाहिए। ऐसा होने पर आपके अकाउंट में सेंध लगाना हैकर्स के लिए आसान हो जाएगा।
  4. यही नहीं, अपने पासवर्ड, OTP या वन टाइम पासवर्ड, पिन (पर्सनल आइडेंटिफिकेशन नंबर) और क्रेडिट या डेबिट कार्ड के CVV नंबर को किसी के साथ शेयर न करें।
  5. साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल ने यूजर्स से अपने सभी बैंक और सोशल मीडिया अकाउंट्स के पासवर्ड को रेगुलर चेंज करते रहने की भी सलाह दी है। ऐसा करने से आपके पासवर्ड का पता लगाना आसान नहीं हो पाएगा।

 

इन सब के अलावा NCCRP यानी राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल ने यूजर्स को यह भी आगाह किया है कि फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन करते समय वो पब्लिक वाई-फाई के इस्तेमाल से बचें। फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन के लिए हमेशा पर्सनल इंटरनेट या वाई-फाई का इस्तेमाल करना चाहिए। पब्लिक वाई-फाई में एक ही नेटवर्क पर साइबर क्रिमिनल्स भी हो सकते हैं। ऐसे में बैंक अकाउंट्स की डिटेल्स उनके हाथ आसानी से लग सकती है।

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Alok Kumar Srivastava
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