नई दिल्ली। अमेरिका ने भारत को लेकर चीन की नीति पर गंभीर चिंता जताई है। अमेरिकी अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि चीन दोहरी रणनीति अपना रहा है—एक तरफ वह भारत के साथ कूटनीतिक रिश्ते बेहतर करने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान को सैन्य हथियार और तकनीकी सहयोग लगातार बढ़ा रहा है।
अमेरिकी पक्ष का कहना है कि चीन की यह नीति क्षेत्रीय स्थिरता के लिए चुनौती बन सकती है। खासकर दक्षिण एशिया में शक्ति संतुलन को प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर भारत को सतर्क रहने की जरूरत है। अमेरिका ने यह भी कहा कि चीन-पाकिस्तान सैन्य सहयोग लंबे समय से जारी है और हाल के वर्षों में इसमें और तेजी आई है।
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सूत्रों के अनुसार, अमेरिका मानता है कि चीन भारत के साथ सीमा और व्यापार से जुड़े मुद्दों पर संवाद की बात तो करता है, लेकिन पर्दे के पीछे पाकिस्तान की सैन्य क्षमता मजबूत कर रहा है। इसमें हथियारों की आपूर्ति, रक्षा तकनीक और संयुक्त सैन्य परियोजनाएं शामिल हैं।
अमेरिका ने भारत को भरोसा दिलाया कि वह इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही, क्षेत्र में किसी भी प्रकार के असंतुलन से निपटने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
