नई दिल्ली। ईरान में जारी व्यापक सरकार-विरोधी प्रदर्शनों, बढ़ती हिंसा, हजारों मौतों की खबरों और अमेरिकी सैन्य धमकी के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए बड़े पैमाने पर निकासी अभियान शुरू कर दिया है। इसी क्रम में देर रात पहले बैच के भारतीय नागरिकों को विशेष उड़ान से तेहरान से दिल्ली लाया गया।
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर भारतीय नागरिकों के पहुंचते ही भावुक दृश्य देखने को मिले। अमरोहा, संभल और बिजनौर सहित कई जिलों से परिजन अपने परिवार के सदस्यों को लेने पहुंचे थे। अपनों को सुरक्षित देखकर परिजनों ने राहत की सांस ली।
ईरान में बीते 15 दिनों से जारी हिंसा और व्यापक विरोध प्रदर्शनों के चलते हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। लगातार बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने का निर्णय लिया है। विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास की निगरानी में यह अभियान चलाया जा रहा है।
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ईरान से लौटे यात्रियों ने भारत सरकार और भारतीय दूतावास के प्रयासों की सराहना की। एक यात्री ने कहा, “हम सरकार का शुक्रिया अदा करते हैं, जिन्होंने हमें सुरक्षित वापस लाने की बड़ी कोशिश की। वहां दहशत का माहौल है और हालात सामान्य नहीं हैं।” वहीं एक अन्य यात्री ने अलग राय रखते हुए कहा कि “माहौल उतना खराब नहीं है, जितना मीडिया में दिखाया जा रहा है। हमने पहले से ही वापसी की फ्लाइट बुक कर रखी थी और दूतावास से लगातार संपर्क में थे।”
यात्रियों ने बताया कि ईरान में इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह बंद हैं और आईएसडी कॉल की सुविधा भी ठप है। हालांकि सुनने में आया है कि दो-तीन दिनों में इंटरनेट सेवा बहाल की जा सकती है। एक यात्री ने यह भी कहा कि हालात को जानबूझकर और अधिक खराब दिखाने की कोशिश की जा रही है।
ईरान से लौटे एक अन्य यात्री ने बताया कि उनका परिवार जियारत के लिए तेहरान गया था। उन्होंने कहा, “वहां उपद्रव जरूर हो रहा है, लेकिन हमें किसी तरह का डर नहीं लगा। ईरानी नागरिक नहीं, बल्कि बाहरी लोग इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि वहां मौजूद भारतीय सुरक्षित हैं और दूतावास द्वारा हर संभव मदद की जा रही है।
भारत सरकार ने संकेत दिए हैं कि जरूरत पड़ने पर आगे भी विशेष उड़ानों के माध्यम से ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित स्वदेश लाया जाएगा

