इंदौर के राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में आरोपी सोनम के भाई गोविंद ने कहा है कि उन्होंने दो मिनट की बातचीत में ही पहचान लिया था कि उनकी बहन सोनम हत्या में शामिल है। उन्होंने कहा कि जब वह हत्या कर सकती है को उसके लिए 26 मई से सात जून तक इंदौर में रहना कोई नई बात नहीं है। गाजीपुर में सोनम और गोविंद दो मिनट के लिए मिले थे। इस दौरान सोनम अपने भाई से नजर नहीं मिला पाई। वह लगातार झूठ बोल रही थी। इसी वजह से गोविंद को समझ आ गया कि हत्या में सोनम शामिल है।

सोनम ने गोंविद से बात करते हुए पूरा दोष राजा और उसके साथियों पर डाल दिया। उसने कहा कि राजा को इन्होंने मार दिया और मुझे किडनैप कर यहां ले आए। इसके बाद गोविंद को पूरी कहानी समझ आ चुकी थी। गोविंद ने कहा कि वह सोनम को मरा हुआ मान चुके हैं। वह अब सोनम के लिए फांसी की मांग करते हैं। सोनम के इंदौर में रहने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जब मर्डर करते समय उसका दिल नहीं कांपा तो यहां रहना कौन सी बड़ी बात है।

जिद्दी स्वभाव की थी सोनम

गोविंद ने बताया कि सोनम बचपन से ही जिद्दी स्वभाव की थी। परिवार के लोग उसको मना नहीं पाते थे। उसकी 60 से 70 फीसदी बातें घर के लोगों को माननी पड़ती थीं। राज को लेकर गोविंद ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि वह माइंड वाश कर सकता है, लेकिन इतना बड़ा कदम उठाया है तो बड़ी प्लानिंग रही होगी। अपनी बहन को लेकर उन्होंने कहा “मुझे पूरा लगा कि वह गलत है, अगर वह 10 परसेंट भी गलत है तो मैंने उसी दिन ऐलान कर दिया था कि वह कलप्रिंट है। राजा और उसके तीन साथियों के पकड़ते ही मैं समझ गया यह लिंक सोनम से जुड़ी है और यह सोनम की ही लिंक है।”

सवाल-जवाब में पढ़ें पूरी बातचीत

आप सोनम के भाई होकर राजा रघुवंशी के घर क्यों गए थे?

मैंने उसे फैमिली से रिश्ता जोड़ा था। हम पहली बार उस रिश्ते मैं थे, इस हिसाब से उसके घर गया। सोनम रघुवंशी ने जो भी करा है वह एक पार्ट अलग है। रिश्तेदारी हमारी पहली प्रायोरिटी है। हमारे लिए राजा जी नहीं रहे। हमने डिक्लेयर कर ही लिया है कि हमने सोनम को मरा हुआ मान लिया है। बाकी उसकी सजा उसको मिलनी चाहिए। इसलिए हम इसकी डिमांड भी कर रहे हैं कि उसको फांसी हो। इनको भी अगर नाराजगी हो तो मैं चाहता हूं वह नाराजगी दिखाएं। उनका लड़का गया है, बहुत घिनौना पाप हुआ है। इसके लिए मैं क्षमा याचना करता हूं।

आपने सोनम की शादी की जल्दबाजी की

शादी के लिए कोई जल्दी बाजी नहीं हुई है। मेरी तरफ से नहीं हुई है। उनके पास प्रेशर था कोचिंग का टाइम था, उनकी तरफ से जरूर मना किया गया था कि अभी हम शादी नहीं कर सकते। लेकिन पंडित ने जो मुहूर्त बताए तीन-चार, अप्रैल मार्च में भी बताया था और फिर मई में भी बताया था तो उन्होंने लास्ट डेट थी जो 11 मई वही फाइनल की थी उसके अलावा कोई डेट फाइनल नहीं की थी कि। हम लास्ट डेट 11 में की फाइनल करते हैं दोनों परिवार बैठे थे बीच में पंडित जी बैठे थे।

रिश्ता कैसे हुआ था

यह रघुवंशी एक हमारे समाज की एप्लीकेशन है उसके जरिए रिश्ता हुआ था। हमने रघुवंशी रिश्ते की एक प्रोफाइल बना रखी थी उनका हाय हेलो हमारा चालू हो गया था। दिसंबर में हमने बातचीत शुरू की थी जनवरी में हम देखने गए थे और फरवरी में हमने रोका करा था और वहीं से पूरी प्रक्रिया शादी की चालू हो गई थी।

आप शादी के लिए कब से ट्राय कर रहे थे

रघुवंशी रिश्ते में हमने कई रिश्ते ट्राई किए थे दो-तीन सालों से हम ट्राई कर रहे थे। हमें कोई जल्दी नहीं थी शादी की। जब हमें यह लड़का अच्छा लगा, फैमिली अच्छी लगी उनके गुण वगैरह सब अच्छे मिले। इसलिए हमने शादी पक्की की।

सोनम का नेचर कैसा था

उसका नेचर देखिए थोड़ा सा अडियल टाइप का था ही वह किसी भी चीज पर अड़ जाती थी। वह कुछ भी कहती थी तो हम उसे बारगेनिंग वगैरह नहीं कर पाते थे। उसको कुछ मानना है या करना उसको जो करना है वह लगभग लगभग हो जाता था। 60 से 70% हम उसके फेवर में काम करते थे।

आप कहना चाहते हैं अगर उसका अफेयर होता तो वह आपको बता देती

अगर वह चाहती और उसको बताना होता कि उसका अफेयर है तो हम यहां तक नहीं पहुंचते और हम 3 साल से रिश्ता देख रहे थे। 3 साल में हमें ऐसा कुछ पता नहीं चला कि उसका कुछ अफेयर है। राज कुशवाहा तो जब तक अरेस्ट नहीं हुआ उसी दिन तक उसने काम किया। अगर हमको मालूम होता तो हम पहले ही उसको फायर कर देते।

दीदी कहता था

दीदी कहता रहा वह आखरी तक। अभी मैं थोड़ा सा डिस्टर्ब हूं नहीं तो मैं लाखों रिकॉर्डिंग दे सकता हूं, जिसमें वह दीदी कह रहा है।

अफेयर था क्या दोनों के बीच

जो एक लिंक मिला है लगातार वही चल रहा है। मीडिया और पब्लिक के थ्रू हो रहा है कि अफेयर है। मुझे आगे का तो आईडिया नहीं है, जो मीडिया कह रहा है हम भी वही मान रहे हैं।

क्या राज ने सोनम का माइंड वाश किया

राज माइंड वाश कर सकता है, मुझे नहीं लगता है, लेकिन इतना बड़ा कदम उठाया है तो तो कुछ ना कुछ इसमें बड़ी प्लानिंग है। मैं उसको समझ नहीं पा रहा हूं।

क्या राज कुशवाहा के पीछे कोई और भी है

अगर मैं बात करूं राज कुशवाहा की तो राज कुशवाहा भी कोई ऐसा आदमी नहीं है जो किसी के कहने पर काम कर सके और सोनम रघुवंशी भी ऐसी नहीं है जो किसी के बहकावे में आ जाए।

आप गाजीपुर में से 2 मिनट के लिए सोनम से मिले इन 2 मिनट में आपने कैसे पहचाने कि वह कातिल है

मुझे सुबह 9:10 बजे जब मालूम चला कि इन सब लोगों का लिंक है आपस में लिंक है। राज कुशवाहा पकड़ा गया है फिर यह तीनों पकड़ाए तो मुझे क्लियर हो गया था कि यह लिंक सोनम से अटैच है और हमारे थ्रू ही यह लिंक बनी हुई है, तभी मैंने इनको यस कर दिया था और मैं विपिन जी से कहा था जब तक मैं सोनम से ना मिलूं तब तक आप होल्ड कीजिएगा उसके बाद बयान आप अपने हिसाब से दीजिएगा।

2 मिनट में कैसे समझा कि कातिल है

दो-तीन मिनट में जो मैं मिला उससे पर एक भी पॉइंट सही नहीं था। उसने नजर से नजर मिलाकर बात नहीं की। जो भी पॉइंट बोले उसने सभी गलत बोले कि मैं उनके साथ में नहीं थी। उसने बोला कि राजा जी को इन्होंने मार डाला है और मुझे किडनैप करके यहां लेकर आए हैं। यहां लाकर छोड़ दिया राज और उसकी टीम पर इसने पूरा दोष डाला था। मुझे पूरा लगा कि वह गलत है अगर वह 10 परसेंट भी गलत है तो मैंने उसी दिन ऐलान कर दिया था कि वह कलप्रिंट है।

आप सोनम से मिलने जाएंगे

हम रघुवंशी समाज के हैं हमारा थोड़ा अलग से नियम चलता है तो मैंने जो उसको मरा हुआ मान लिया है तो यह पॉसिबल नहीं है कि हम मिल पाएं। हमने उसका बायकाट कर दिया है। हम दोनों फैमिलायों के संबंध बच्चों के थे। हमारे संबंध जुड़े रहेंगे बाकी जो भी राजा जी की फैमिली बोलती है, वह मुझे मंजूर है। अगर उनका मुझ पर भी शक है तो वह नाम लिखा सकती है।

नार्को टेस्ट की मांग

नार्को टेस्ट की बात मैंने भी इसलिए की है क्योंकि मुझे भी इसकी प्लानिंग का पता नहीं चल रहा है। यह मेरे लिए नहीं सभी लोगों के लिए सरप्राइज है। उनके घर वालों के लिए भी सरप्राइज है। इसलिए मैं भी चाहता हूं की नार्को टेस्ट हो, जिससे चीज क्लियर हो जाए और जिससे आगे भी इन चीजों के रोकथाम के लिए काफी कदम उठा सके।

सोनम क्या काम करती थी

सोनम का जो काम था मेरे कारखाने में वह सिर्फ कस्टमर से हैंडलिंग का काम था, वह पूरा साउथ फेस संभालती थी और हैदराबाद संभालती थी।

राज का क्या काम था

राजपुरा गोदाम का काम संभालता था जिसमें डिस्पैच का मैनेजमेंट संभालता था किसको क्या टाइम पर माल निकालना है कैसे निकालना है कितना निकालना है क्या क्वांटिटी है कब आर्डर आ रहा है कितनी देर में डिस्पैच होता है यह राज संभालता था।

दोनों के बीच में अफेयर क्या इसी वजह से हुआ

राज कमर्शियल लेन में बैठता था जो गोडाउन एरिया था वह आउट एरिया में और सोनम विजय नगर में बैठी थी दोनों के बीच में डिफरेंट 5 सात किलोमीटर था पहले हम सांवेर रोड में थे।

राजा के भाई सचिन ने कहा है सोनम अपने बीमार पिता को स्वस्थ करने के लिए नरबलि भी दे सकती है

पिताजी का उसमें क्या हाथ है पिताजी के लिए क्यों मारेगी वह बीमार थे। और हर लोगों को अगर नरबलि देकर स्वस्थ किया जाता तो ऐसे और भी होती यह सब चीज गलत है। सचिन जी से रिक्वेस्ट करूंगा ऐसी बात ना करें।

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Alok Kumar Srivastava
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