नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की दिशा में अहम कदम उठाया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार को संसद में ‘विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025’ पेश किया। इस विधेयक का उद्देश्य उच्च शिक्षा के नियमन, मान्यता और प्रशासन की मौजूदा व्यवस्था में मूलभूत बदलाव करना है।
सरकार के अनुसार, यह विधेयक उच्च शिक्षा संस्थानों की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और आधुनिक बनाने पर केंद्रित है। विधेयक में शिक्षा के स्तर को वैश्विक मानकों के अनुरूप लाने और संस्थानों को अधिक स्वायत्तता देने का प्रावधान शामिल है।
Australia News :ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में बोंडी बीच पर ताबड़तोड़ फायरिंग से दहशत, 10 लोगों की मौत
बिल पेश किए जाने के बाद सरकार ने इसे संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेज दिया है। समिति विभिन्न पक्षों से सुझाव लेकर विधेयक पर विस्तृत चर्चा करेगी, जिसके बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
शिक्षा मंत्रालय का कहना है कि यह विधेयक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है और इसके लागू होने से देश की उच्च शिक्षा प्रणाली को नई दिशा मिलेगी। विपक्ष ने भी विधेयक पर चर्चा की मांग की है, वहीं शिक्षा विशेषज्ञ इसे एक बड़े सुधार के रूप में देख रहे हैं।
