नई दिल्ली। तेलंगाना के कई गांवों में ग्राम पंचायत चुनाव के बाद एक चौंकाने वाली और गंभीर घटना सामने आई है। बीते एक सप्ताह के भीतर अलग-अलग जिलों में करीब 500 आवारा कुत्तों की कथित तौर पर हत्या किए जाने के मामले सामने आए हैं। पुलिस जांच में इन घटनाओं में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका उजागर हो रही है, जिसके बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
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कामारेड्डी जिले में 200 कुत्तों के मारे जाने का आरोप
ताजा मामला कामारेड्डी जिले के पालवंचा मंडल का है। यहां भवानीपेट, पालवंचा, फरीदपेट, वाड़ी और बंदारामेश्वरपल्ली गांवों में पिछले दो से तीन दिनों के भीतर करीब 200 आवारा कुत्तों को मारने का आरोप लगाया गया है।
इस मामले में पुलिस ने पांच सरपंचों सहित छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोप है कि पंचायत चुनाव के बाद गांवों में कथित रूप से ‘सफाई अभियान’ के नाम पर यह अमानवीय कार्रवाई की गई।
हनमकोंडा में पहले भी सामने आया था मामला
इससे पहले हनमकोंडा जिले के श्यामपेट और अरेपल्ली गांवों में 6 से 9 जनवरी के बीच लगभग 300 आवारा कुत्तों की हत्या किए जाने का मामला सामने आया था। पुलिस ने इस संबंध में दो महिला सरपंचों, उनके पतियों सहित नौ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।

