कोलकाता। पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की घोषणा के बाद भारत-बांग्लादेश सीमावर्ती इलाकों में बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्याओं के बीच दहशत का माहौल पैदा हो गया है। सूत्रों के अनुसार, पहचान उजागर होने के डर से बड़ी संख्या में अवैध घुसपैठिए वापस बांग्लादेश भागने की कोशिश कर रहे हैं।
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🏃 भागने की कोशिश में 400 घुसपैठिए धराए
सीमा सुरक्षा बल (BSF) के सूत्रों ने पुष्टि की है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) की घोषणा के बाद से स्थिति बदल गई है।
- पिछले 4 दिनों में: बीएसएफ ने बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा क्षेत्र से बांग्लादेश भागने की फिराक में करीब 400 घुसपैठियों को गिरफ्तार किया है।
- तीन महीने में रिकॉर्ड: पिछले तीन महीनों के भीतर सीमा पर आठ हजार से अधिक बांग्लादेशी घुसपैठियों को पकड़ा जा चुका है।
इन घुसपैठियों को डर है कि SIR के तहत दस्तावेज़ों की सघन जाँच होने पर उनकी फर्जी पहचान सामने आ जाएगी और उन्हें देश से बाहर कर दिया जाएगा।
⚠️ घुसपैठियों में क्यों है खौफ?
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें चुनाव आयोग फर्जी, मृत या अपात्र मतदाताओं को सूची से हटाने के लिए सघन जाँच करता है।
- 2002 की सूची से मिलान: इस बार SIR के तहत उन मतदाताओं को 2002 की मतदाता सूची से मिलान करने के लिए कहा जा रहा है, जो कई अवैध निवासियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।
- बैंकों से पैसे निकालना: सूत्रों के अनुसार, दहशत में आए कई घुसपैठिए सीमावर्ती इलाकों में बैंकों से बड़ी मात्रा में पैसे निकालकर भाग रहे हैं।
