उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में रविवार तड़के बादल फटने से दो मजदूरों की मौत हो गई जबकि सात लापता हो गए। वहीं हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण हुए हादसों में तीन की मौत हुई है। मौसम विभाग की मानें तो मानसून अपनी सामान्य तिथि से करीब एक हफ्ते पहले पूरे देश में पहुंच गया है, जिसके चलते दिल्ली और अन्य उत्तरी राज्यों में बारिश हुई। कई पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन हुआ है। मौसम विभाग ने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में भारी से ज्यादा भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है।

उत्तराखंड में रेड अलर्ट, 2 की मौत, 7 लापता

मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार और नैनीताल समेत उत्तराखंड के कई जिलों में 29 और 30 जून को भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में रविवार तड़के बादल फटने से दो मजदूरों की मौत हो गई जबकि सात लापता हो गए। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे एक होटल के निर्माण में लगे मजदूरों के अस्थायी आश्रय नष्ट होने से यह हादसा हुआ। 20 को बचा लिया गया है।

चारधाम यात्रा रोकी गई

उत्तराखंड सरकार ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को लेकर चारधाम यात्रा को एक दिन के लिए रोक दिया है। गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडे ने बताया कि एहतियात के तौर पर चारधाम यात्रा एक दिन के लिए स्थगित कर दी गई है। सोमवार को यात्रा मार्ग पर मौसम की स्थिति की समीक्षा के बाद आगे की यात्रा पर निर्णय लिया जाएगा। भूस्खलन के मलबे के कारण राजमार्ग बंद हो गया है। यमुनोत्री से लौट रहे तीर्थयात्रियों को इस वजह से सुरक्षित स्थानों पर रहने को कहा गया है।

एक दर्जन स्थानों पर भूस्खलन

बारिश की वजह से यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिलाई बैंड, रुद्रप्रयाग में जखोली, अगस्त्यमुनि, चमोली में कमेड़ा और उमटा, पौड़ी में गुमखाल कुल्हाड़ बैंड, टिहरी में सैंण सुनहरीगाड़ के पास, नरेंद्रनगर के समीप सहित करीब एक दर्जन स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं। बारिश की वजह से रुद्रप्रयाग के जखोली में मयाली-रणधार-बधाणी मोटर मार्ग पौंठी गधेरे पर बना पुल बह गया है। बारिश की वजह से बंद हुई सड़कों में चारधाम मार्ग भी शामिल हैं। बदरीनाथ हाईवे सिरोबगड़ के साथ ही कमेड़ा और उमटा में भी बंद रहा।

खतरे के निशान के करीब गंगा

भीमगोड़ा बैराज पर रविवार को गंगा का जलस्तर 292.90 मीटर रिकॉर्ड हुआ। इस दौरान गंगा चेतावनी निशान से मात्र 10 सेंटीमीटर नीचे बही। करीब दो घंटे तक गंगा चेतावनी निशान के आसपास बहती रही। इस दौरान सभी घाटों का खाली करा दिया गया। दिन में गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन और पुलिस अलर्ट पर रहे। ऋषिकेश के पशुलोक बैराज से गंगा में करीब डेढ़ लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं, गंगनहर में सिल्ट की मात्रा बढ़ने के बाद गंगनहर को बंद किया गया है।

सीमांत के इलाकों का चीन सीमा से टूटा संपर्क

कुमाऊं में लगातार हो रही बारिश से शहरी और ग्रामीण इलाकों की कई सड़कें बंद हैं और नदियां उफान पर हैं। कई इलाकों में बिजली पानी भी सप्लाई भी ठप है। पिथौरागढ़ में बारिश के चलते मलबा आने पर थल, मुनस्यारी सहित इलाके की करीब 13 सड़कें और बागेश्वर में 24 सड़क मलबा आने से बंद हैं। हल्द्वानी में भी सुबह से हो रही बारिश से शहर की सड़कें और लिंक मार्ग पर जल भराव हो गया है। धारचूला के तवाघाट में सोमवार दोपहर अचानक से आदि कैलास मार्ग पर चट्टान दकर गई, जिस कारण सीमांत के इलाकों का चीन सीमा से संपर्क टूट गया। आदि कैलास के दर्शन करके लौट रहे श्रद्धालु और स्थानीय लोग फंस गए।

हिमाचल प्रदेश के 4 जिलों में रेड अलर्ट

हिमाचल प्रदेश के 4 जिलों में भारी से ज्यादा भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। राज्य में 20 जून को मानसून के आगमन के बाद से बारिश से संबंधित घटनाओं में 20 लोगों की जान जा चुकी है। हिमाचल प्रदेश में शनिवार से बारिश से जुड़ी घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई है। ऊना और बिलासपुर जिलों में एक-एक व्यक्ति डूब गया, जबकि शिमला जिले में ऊंचाई से गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई।

शिमला-कालका ट्रेन सेवाएं सस्पेंड

रविवार को यूनेस्को की विश्व धरोहर शिमला-कालका रेल लाइन पर रविवार को सेवाएं स्थगित कर दी गईं, क्योंकि सोलन जिले में रात भर हुई बारिश के दौरान पटरियों पर पत्थर और पेड़ गिर गए। सोलन के बरोटीवाला औद्योगिक क्षेत्र में एक पुल भी बह गया। वहीं शिमला और चंडीगढ़ को जोड़ने वाले शिमला-कालका राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-5) पर कोटी के निकट भूस्खलन से सड़क के कुछ हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे घंटों तक दो से तीन किलोमीटर लंबा जाम लगा रहा।

हिमाचल में उफान पर नदियां

हिमाचल प्रदेश के बद्दी इलाके में बाल्ड नदी उफान पर है। झाड़माजरी के शिवालिक नगर में 20 से ज्यादा घरों में चार फुट तक पानी घुस जाने की खबरें हैं। मंडी की जूनी खड्ड और ब्यास नदी में जलस्तर बढ़ गया है। रविवार सुबह पंडोह बांध के सभी पांच गेट खोल दिए गए, जिससे ब्यास नदी में जलस्तर बढ़ गया। स्थानीय मौसम विभाग ने सोमवार तक अलग-अलग जगहों पर आकस्मिक बाढ़ के खतरे की चेतावनी दी है।

बिहार में बिजली गिरने और बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने बिहार के सभी जिलों में सोमवार को बारिश, आकाशीय बिजली गिरने और 30-40 किलोमीटर की रफ्तार से हवा चलने की चेतावनी जारी की है। रोहतास, औरंगाबाद, गया, नवादा और बांका जिले के कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट और कैमूर, बक्सर, अरवल, जहानाबाद, नालंदा, शेखपुरा एवं जमुई जिले के एक या दो स्थानों पर भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। अन्य जिलों में हल्के से मध्यम स्तर की बारिश होने की संभावना है। पटना में सोमवार को भी बादल छाया रहेगा।

झारखंड के चार जिलों में रेड अलर्ट

झारखंड में अगले चार दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट है। सोमवार के लिए पश्चिमी सिंहभूम, गुमला, सिमडेगा और खूंटी में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है जबकि पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला, रांची, रामगढ़, बोकारो, हजारीबाग, चतरा, लातेहार, पलामू, लोहरदगा में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस बीच, पूर्वी सिंहभूम के पोटका में पांडरशुली स्थित लव कुश आवासीय विद्यालय में गुडरा नदी में आई का पानी रविवार तड़के घुस गया जिससे 162 बच्चे फंस गए। चार घंटे की मशक्कत के बाद सभी को सुरक्षित निकाला गया।

पंजाब- हरियाणा: बारिश से गिरा पारा

मानसून की दस्तक के साथ ही पंजाब और हरियाणा में रविवार को जोरदार बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार चंडीगढ़ में बीते 24 घंटे में 119.5 मिलीमीटर बारिश हुई। मोहाली, लुधियाना, पटियाला, पठानकोट में जमकर बारिश हुई। इसी तरह हरियाणा के अंबाला में 91 मिलीमीटर बारिश हुई। रोहतक, गुरुग्राम, कैथल, नूंह और पंचकुला में भी आसमान से राहत की बूंदे गिरीं। इससे पारे में गिरावट दर्ज की गई है।

राजस्थान: तेज हवा के साथ बारिश

मौसम के बदले मिजाज को देख मौसम विभाग ने 13 जिलों में डबल अलर्ट जारी किया है। वहीं पांच जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट है। अनुमान है कि इन जिलों में बारिश के साथ 35 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। अनुमान है कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों में अगले चार दिनों तक भारी बारिश हो सकती है। राजस्थान में इस माह औसत से 155 फीसदी अधिक बारिश हुई है।

पूरे देश में समय से पहले पहुंचा मानसून

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 2020 के बाद यह पहला मौका है जब मानसून पूरे देश में इतनी जल्दी पहुंचा है। वर्ष 2020 में यह 26 जून तक पूरे देश में पहुंचा था। आईएमडी का कहना है कि दिल्ली में मानसून अपनी सामान्य तिथि 27 जून के दो दिन बाद पहुंचा। मानसून आज यानी 29 जून 2025 को राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा के शेष हिस्सों और पूरी दिल्ली में पहुंच गया। चंडीगढ़ समेत पंजाब के अन्य स्थानों के अलावा, फिरोजपुर, मोहाली, लुधियाना, पटियाला, पठानकोट और रूपनगर में झमाझम बारिश हुई।

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Alok Kumar Srivastava
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