वाशिंगटन डीसीः अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुनिया भर में ट्रेड और टैरिफ वार छेड़ने के साथ अपने कई अन्य अजीबोगरीब फैसलों के चलते अपने ही देश में घिर गए हैं। गत 2 दिनों से ट्रंप के खिलाफ अमेरिका के विभिन्न शहरों में जोरदार विरोध प्रदर्शन हो रहा है। अमेरिकी जनता ट्रंप की कई नीतियों के विरोध में सड़क पर उतर आई है। पूरे देश में प्रदर्शनकारियों ने ट्रंप प्रशासन और उनकी नीतियों के खिलाफ पोस्टर, बैनर और नारों के साथ अपनी असंतुष्टि जाहिर की है।

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अमेरिका के 50 राज्यों में हुआ विरोध

‘गुड ट्रबल लाइव्स ऑन’ (Good Trouble Lives On) नामक विरोध आंदोलन ने देश के सभी 50 राज्यों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। न्यूयॉर्क में प्रदर्शनकारियों को इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) भवन के पास एक चौराहे को अवरुद्ध करते हुए देखा गया। एक विरोध प्रदर्शन के दौरान, जब प्रदर्शनकारी एक इमिग्रेशन कोर्ट के बाहर इकट्ठा हुए तो उन्होंने ट्रंप प्रशासन के खिलाफ ‘गुड ट्रबल लाइव्स ऑन’ राष्ट्रीय विरोध दिवस के तहत तख्तियां थाम रखी थीं।

इमिग्रेशन भवन के बाहर भी धरना

एक वीडियो में देखा गया कि ट्रंप और इमिग्रेशन (ICE) विरोधी प्रदर्शनकारियों ने न्यूयॉर्क सिटी के मैनहैटन स्थित फेडरल प्लाज़ा में ICE भवन के बाहर एक चौराहे पर बैठकर धरना दिया और रास्ता अवरुद्ध कर दिया।

1600 जगहों पर हुआ प्रदर्शन

ट्रंप के खिलाफ यह प्रदर्शन अटलांटा (जॉर्जिया), सेंट लुइस (मिसौरी), ओकलैंड (कैलिफोर्निया), और एनापोलिस (मैरीलैंड) समेत करीब 1600 जगहों पर हुआ। इसमें ट्रंप प्रशासन की स्वास्थ्य देखभाल में कटौती, इमिग्रेशन नीतियों और अन्य फैसलों की खिलाफत की गई। इसका उद्देश्य दिवंगत कांग्रेस सदस्य और नागरिक अधिकारों के नेता जॉन लुईस को श्रद्धांजलि देना भी था।

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‘गुड ट्रबल’ आंदोलन क्या है?

‘गुड ट्रबल’ (Good Trouble) आंदोलन का नाम जॉन लुईस की उस प्रसिद्ध अपील से लिया गया है, जो उन्होंने 2020 में अपनी मौत से पहले अमेरिकी नागरिकों से की थी। उन्होंने कहा था, “अच्छी परेशानी में पड़ो, ज़रूरी परेशानी में पड़ो और अमेरिका की आत्मा का उद्धार करो।” बता दें कि जॉन लुईस ‘बिग सिक्स’ नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं के समूह के अंतिम जीवित सदस्य थे, जिसका नेतृत्व डॉ. मार्टिन लूथर किंग जूनियर ने किया था। लुईस ने हमेशा अहिंसक आंदोलन और न्याय की लड़ाई का समर्थन किया, और यह आंदोलन उनके विचारों की विरासत को आगे बढ़ाता है।

प्रदर्शनकारियों का क्या है कहना?

पब्लिक सिटीजन संगठन की सह-अध्यक्ष लीसा गिल्बर्ट ने प्रदर्शन से पहले कहा, “हम अपने देश के इतिहास के सबसे भयावह क्षणों में से एक से गुजर रहे हैं। प्रशासन में बढ़ते अधिनायकवाद और अव्यवस्था से हम सभी जूझ रहे हैं… जब हमारे लोकतंत्र के अधिकारों, स्वतंत्रताओं और अपेक्षाओं को चुनौती दी जा रही है।” इस राष्ट्रीय आंदोलन का उद्देश्य ट्रंप प्रशासन की उन नीतियों और कार्यों के खिलाफ आवाज़ उठाना है जिन्हें कई नागरिक मानवाधिकारों के उल्लंघन और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए खतरा मानते हैं।

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Alok Kumar Srivastava
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