Price of Silver , नई दिल्ली। कीमती धातुओं के बाजार में चांदी ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। पहली बार चांदी की कीमत ₹2 लाख प्रति किलो के पार पहुंच गई है। निवेशकों और सर्राफा बाजार के लिए यह एक ऐतिहासिक पल माना जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि चांदी को ₹1 लाख से ₹2 लाख प्रति किलो तक पहुंचने में महज 9 महीने का समय लगा, जबकि ₹50 हजार से ₹1 लाख तक पहुंचने में इसे करीब 14 साल लगे थे।
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बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी की कीमतों में इस तेज उछाल के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर में कमजोरी, भू-राजनीतिक तनाव, महंगाई की आशंका और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग ने चांदी को मजबूती दी है। इसके साथ ही सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में चांदी की बढ़ती औद्योगिक मांग भी कीमतों को ऊपर ले जा रही है।
अगर बीते वर्षों पर नजर डालें तो चांदी की कीमतों का सफर काफी लंबा और धीमा रहा है। सालों तक चांदी ₹40 हजार से ₹60 हजार प्रति किलो के दायरे में घूमती रही। इसके बाद धीरे-धीरे यह ₹1 लाख के स्तर तक पहुंची। लेकिन पिछले कुछ महीनों में इसमें जिस तेजी से उछाल आया है, उसने निवेशकों को भी चौंका दिया है।
सर्राफा बाजार से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि चांदी की बढ़ती कीमतों का असर गहनों और चांदी के बर्तनों की मांग पर भी पड़ सकता है। ऊंची कीमतों के चलते आम ग्राहकों की खरीदारी कम हो सकती है, जबकि निवेश के लिहाज से चांदी में रुचि बढ़ने की संभावना है। कई निवेशक इसे सोने के मुकाबले बेहतर विकल्प मान रहे हैं।
