Rahul Gandhi , म्यूनिख। कांग्रेस नेता राहुल गांधी इन दिनों जर्मनी के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने बुधवार को म्यूनिख स्थित दुनिया की मशहूर ऑटोमोबाइल कंपनी BMW के अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का दौरा किया। प्लांट विजिट के बाद राहुल गांधी ने भारत की औद्योगिक स्थिति को लेकर अहम बयान दिया और कहा कि मैन्युफैक्चरिंग किसी भी मजबूत अर्थव्यवस्था की रीढ़ होती है, लेकिन दुर्भाग्य से भारत में इस क्षेत्र में गिरावट देखने को मिल रही है।
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राहुल गांधी ने कहा कि जर्मनी जैसे देश अपनी मजबूत मैन्युफैक्चरिंग क्षमता के दम पर वैश्विक अर्थव्यवस्था में अग्रणी बने हुए हैं। यहां इंडस्ट्री, टेक्नोलॉजी, स्किल और इनोवेशन का बेहतरीन तालमेल देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि भारत को भी अगर तेज और टिकाऊ विकास करना है तो उसे उत्पादन बढ़ाने पर गंभीरता से ध्यान देना होगा।
कांग्रेस नेता ने कहा, “विकास को तेज करने के लिए हमें ज्यादा से ज्यादा मैन्युफैक्चरिंग करनी होगी। सिर्फ सेवाओं पर निर्भर रहना काफी नहीं है। इसके लिए एक मजबूत मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम तैयार करना होगा, जिसमें सरकार, उद्योग, श्रमिक और शिक्षा संस्थान सभी की अहम भूमिका हो।”
BMW प्लांट के दौरे के दौरान राहुल गांधी ने वहां की ऑटोमेशन, एडवांस मशीनरी, स्किल्ड वर्कफोर्स और पर्यावरण के अनुकूल उत्पादन प्रक्रिया की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि जर्मनी ने टेक्नोलॉजी और मानव संसाधन में लगातार निवेश कर यह मुकाम हासिल किया है, जिससे उसकी इंडस्ट्री वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनी हुई है।
भारत की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को लेकर नीतिगत स्तर पर कई चुनौतियां हैं। छोटे और मझोले उद्योग दबाव में हैं, रोजगार सृजन की रफ्तार धीमी है और युवाओं को पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर भारत को रोजगार संकट से बाहर निकालना है, तो मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूत करना ही होगा।
