लखनऊ। बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के निर्देशन और नेतृत्व में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) द्वारा 24 से 26 नवम्बर तक राजधानी लखनऊ के गंगा सभागार में तीन दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। बुधवार को इस कार्यशाला का विधिवत समापन हुआ।
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75 जिलों के 150 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा
इस राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के 75 जिलों से 150 नोडल एसआरजी, जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) और डायट मेंटर्स ने सहभागिता की। कार्यशाला का उद्देश्य था—
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स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम को प्रभावी रूप से लागू करना
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शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार
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प्रारंभिक कक्षाओं में बच्चों के बौद्धिक, सामाजिक और भाषा विकास को मजबूती देना
स्कूल रेडीनेस के प्रभावी संचालन पर दिया गया प्रशिक्षण
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को स्कूल रेडीनेस की अवधारणा, शिक्षण पद्धतियों, मूल्यांकन तकनीकों और अभिभावक सहभागिता के महत्व पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया। साथ ही नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप प्रारंभिक बाल शिक्षा को सुदृढ़ बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
प्रशिक्षण से शिक्षण व्यवस्था होगी और सुदृढ़
SCERT अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षित नोडल एसआरजी और जिला समन्वयक अब अपने-अपने जिलों में शिक्षकों और विद्यालयों को स्कूल रेडीनेस के मानकों के अनुरूप मार्गदर्शन देंगे। इससे राज्य में प्रारंभिक शिक्षा की गुणवत्ता और बेहतर होगी।

