उत्तर प्रदेश में एक बार फिर से पहचान छुपाकर ढाबा चलाने का मामला सामने आया है। राज्य के मुरादाबाद-लखनऊ हाईवे पर थाना मुंडापांढे के अंतर्गत चल रहे नीलकंठ फैमिली ढाबे का मालिक शराफत हुसैन निकला है। फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट की चेकिंग के दौरान ये सच्चाई सामने आई है। फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट के सहायक आयुक्त ने ढाबा संचालक शराफत हुसैन को सख्त चेतावनी दी है। होटल संचालक को नाम बदलने को कहा गया है वरना ढाबा बंद करा दिया जायेगा।
कैसे सामने आई ढाबे की असलियत?
मुरादाबाद-लखनऊ हाईवे 9 कांवड़ यात्रा मार्ग है। इस मार्ग से बरेली तक के कांवरिए यात्रा करते हैं। फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट के सहायक आयुक्त अपनी टीम के साथ होटल और ढाबों पर उनकी सही पहचान और गुणवत्ता की जानकारी को सही से सामने लाने के FOOD SAFETY CONNECT APP के फार्म/ स्टीकर भरकर सभी होटल और ढाबों पर चेक कर चिपका रहे थे। इसी दौरान कांवड़ मार्ग पर चलने वाले नीलकंठ फैमिली ढाबे की असलियत सामने आई।
गिड़गिड़ाने लगा ढाबा संचालक
जैसे ही FOOD SAFETY DEPARTMENT के सहायक आयुक्त नीलकंठ फैमिली ढाबा पर पहुंचे और उन्होंने लाइसेंस मांगा तो उसपर होटल का नाम नीलकंठ फैमिली ढाबा था लेकिन मालिक निकला शराफत पुत्र छुट्टन। सच्चाई सामने पर तुरंत भगवान शिव के नाम से चल रहे इस ढाबे का मालिक शराफत अधिकारी के सामने गिड़गिड़ाने लगा और कहने लगा सर हम नाम बदल लेंगे।
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ढाबा संचालक के पास दो ऑप्शन
फिलहाल फूड सेफ्टी विभाग के सहायक आयुक्त ने सच्चाई सामने आने के बाद मुख्यमंत्री के आदेश का पालन करते हुए ढाबा संचालक को सख्त हिदायत दी है और FOOD SAFETY CONNECT APP के स्टिकर पर उसकी असली पहचान लिख वहां चिपका दी है। नीलकंठ फैमिली ढाबे के नाम को लेकर भी उसे सख्त हिदायत दे दी गई है। सहायक आयुक्त राजवंश श्रीवास्तव का कहना है कि इनका रजिस्ट्रेशन है, फूड सेफ्टी कनेक्ट एप यहां चिपकाया गया है। इनके ढाबे का नाम नीलकंठ है लेकिन प्रॉपराइटर का नाम शराफत है। इनको बता दिया गया है कि या तो ये इस नाम को बदल लें या फिर इस ढाबे को बंद करें।
