नई दिल्ली। देश में कुत्ता काटने की बढ़ती घटनाओं और सार्वजनिक स्थानों पर आम लोगों की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद अब नगर निगमों के साथ-साथ पंचायत निकायों को भी सीधे तौर पर जवाबदेह बनाया गया है।
पहली बार यह व्यवस्था लागू की गई है कि सभी जिलों को हर महीने रिपोर्ट देनी होगी। इस रिपोर्ट में यह जानकारी देनी होगी कि किन-किन क्षेत्रों से कितनी संख्या में आवारा कुत्तों को हटाया गया और इस कार्य में कितने कर्मचारियों की तैनाती की गई है।
केंद्र सरकार इन मासिक रिपोर्टों की समीक्षा करेगी और यह भी आकलन किया जाएगा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और तय मानक प्रक्रिया का कितना पालन किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य आवारा कुत्तों की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण कर आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
