भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने सरकार की पीएम ई-ड्राइव पहल के तहत शुक्रवार को इलेक्ट्रिक ट्रकों की खरीद पर ग्राहकों को 9.6 लाख रुपये तक की सब्सिडी देने की योजना शुरू कर दी। ये पहली बार है जब इलेक्ट्रिक ट्रक की खरीद को बढ़ावा देने के लिए योजना लाई गई है। इस योजना के तहत 10,900 करोड़ रुपये के बजट में से 500 करोड़ रुपये इलेक्ट्रिक ट्रकों के लिए निर्धारित किए गए हैं। बंदरगाह, लॉजिस्टिक, सीमेंट और इस्पात सहित अन्य उद्योग इस योजना के प्रमुख लाभार्थी होंगे। इसके तहत 5600 इलेक्ट्रिक ट्रकों को समर्थन देने की योजना है।

पूर्व कोच संग टेनिस प्लेयर राधिका की चैट्स आई सामने, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया आरोपी

वायु प्रदूषण बढ़ाने में ट्रकों की भागीदारी ज्यादा

कुमारस्वामी ने कहा, ‘‘ कुल वाहन संख्या में डीजल ट्रक की सिर्फ तीन प्रतिशत हिस्सेदारी होने के बावजूद परिवहन-संबंधी ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में इसका योगदान 42 प्रतिशत है। ये वायु प्रदूषण को काफी बढ़ा देते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व द्वारा निर्देशित इलेक्ट्रिक ट्रकों के लिए ये पहली योजना है। ये हमारे देश को पर्यावरण अनुकूल तरीके से माल ढुलाई परिवहन, स्वच्छ भविष्य और 2047 तक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में ले जाएगा। ये 2070 तक हमारे शुद्ध रूप से शून्य कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य के अनुरूप है।’’

दिल्ली में 1100 ई-ट्रकों की खरीद पर मिलेगा लाभ

अधिकारियों ने कहा कि इस योजना में दिल्ली में पंजीकृत करीब 1100 ई-ट्रक के लिए प्रोत्साहन राशि आरक्षित है। इससे राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता संबंधी चिंताओं के समाधान में मदद मिलेगी। इसके लिए करीब 100 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। ई-ट्रकों के लिए प्रोत्साहन प्राप्त करने के लिए पुराने ट्रकों को हटाना अनिवार्य है। भारी उद्योग मंत्रालय ने कहा, ‘‘ किफायती रुख को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन इलेक्ट्रिक ट्रक के सकल वाहन भार पर निर्भर करेगा और अधिकतम 9.6 लाख रुपये का प्रोत्साहन प्राप्त किया जा सकता है। ये प्रोत्साहन खरीद मूल्य में एकमुश्त कटौती के रूप में प्रदान किए जाएगा और मूल उपकरण विनिर्माताओं (ओईएम) को पीएम ई-ड्राइव मंच के माध्यम से ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर दिया जाएगा।’’

धर्मांतरण के लिए विदेश से आ रहे पैसे, हम सबको तोड़ने की साजिश… छांगुर बाबा पर CM योगी का बयान

ई-ट्रकों की बैटरी पर मिलेगी 5 साल की वारंटी 

इस योजना के तहत, केंद्रीय मोटर वाहन नियमों (सीएमवीआर) के तहत परिभाषित एन2 और एन3 श्रेणी (मध्यम एवं भारी माल ढुलाई के लिए) के इलेक्ट्रिक ट्रकों पर भी मांग प्रोत्साहन लागू किया जाएगा। एन2 श्रेणी में 3.5 टन से अधिक और 12 टन तक के सकल वाहन भार (जीवीडब्ल्यू) वाले ट्रक शामिल हैं जबकि एन3 श्रेणी में 12 टन से अधिक और 55 टन तक के जीवीडब्ल्यू वाले ट्रक शामिल हैं। इलेक्ट्रिक ट्रकों की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए विनिर्माता एक व्यापक विनिर्माता-समर्थित वारंटी प्रदान करेंगे। इसमें बैटरी के लिए पांच साल या पांच लाख किलोमीटर की वारंटी शामिल होगी, जबकि वाहन एवं मोटर के लिए वारंटी पांच साल या 2.5 लाख किलोमीटर (जो भी पहले हो) होगी

Share.

Alok Kumar Srivastava
Chief Editor

Address :    104, Bharsar, District – Ghazipur, Uttar Pradesh – 233300

Mobile        +91-98388 99305
Email        prabhatdarshan25@gmail.com

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031

© 2025 prabhatdarshan.com 

Exit mobile version