पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 (Bihar Assembly Election 2025) के मद्देनज़र सूबे का सियासी माहौल चरम पर है। एक ओर एनडीए, महागठबंधन और प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी मैदान में पूरी ताकत झोंक रही हैं, तो वहीं लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव अपनी नई पार्टी जनशक्ति जनता दल के साथ चुनावी रण में उतर चुके हैं।
राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं हैं कि यदि जनशक्ति जनता दल के कुछ उम्मीदवार चुनाव में जीत दर्ज कर लेते हैं, तो तेजप्रताप यादव की राजद में वापसी संभव हो सकती है। इस अटकल ने बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि तेजप्रताप की नई पार्टी के मैदान में आने से राजद के पारंपरिक वोट बैंक पर असर पड़ सकता है। वहीं राजद खेमे में भी इस संभावना को लेकर अंदरखाने चर्चा तेज है कि तेजप्रताप की वापसी से पार्टी को संगठनात्मक मजबूती मिल सकती है।

