लखनऊ। समाज कल्याण विभाग ने आउटसोर्सिंग के माध्यम से की गई भर्तियों को लेकर बड़ा कदम उठाया है। विभाग द्वारा रखे गए 460 कर्मचारियों की नियुक्ति की जांच कराए जाने का फैसला लिया गया है। यह निर्णय मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत कोर्स को-ऑर्डिनेटरों की भर्ती में सामने आए फर्जीवाड़े के बाद किया गया है।
जानकारी के अनुसार समाज कल्याण विभाग ने इस संबंध में जांच के आदेश जारी करते हुए संबंधित अधिकारियों को पत्र भी भेज दिया है। जांच के दायरे में आश्रम पद्धति स्कूलों, मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग योजना और छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत आउटसोर्सिंग पर की गई सभी नियुक्तियां शामिल होंगी।
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विभागीय सूत्रों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में भर्ती प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी और अपात्र लोगों की नियुक्ति की आशंका सामने आई है। इसी को ध्यान में रखते हुए विस्तृत जांच कराई जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता या फर्जीवाड़े का खुलासा किया जा सके।
समाज कल्याण विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में आउटसोर्सिंग भर्तियों में पूरी पारदर्शिता और नियमों का पालन किया जाए।

