The Taj Story आगरा: अभिनेता परेश रावल की बहुप्रतीक्षित और बहुचर्चित फिल्म ‘द ताज स्टोरी’ (The Taj Story) आज देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फिल्म को लेकर आगरा में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला, खासकर उन दृश्यों और संवादों पर, जो ताजमहल के ‘मकबरा’ या ‘तेजोमहालय’ होने के सदियों पुराने विवाद पर सवाल उठाते हैं।आगरा के सिनेमाघरों में दर्शकों का जोश देखते ही बन रहा था, जहां फिल्म देखने आए लोगों को फ्री टिकट भी बांटे गए। फिल्म के कुछ ‘पंच’ डायलॉग्स पर हॉल में ऐसी प्रतिक्रिया देखने को मिली कि सिनेमाघर जयकारों से गूँज उठे।
विवादित डायलॉग्स पर बजी ज़ोरदार तालियां
फिल्म की कहानी, जैसा कि इसके ट्रेलर से स्पष्ट था, ताजमहल के वास्तविक इतिहास की खोज और इस पर उठे कानूनी सवालों के इर्द-गिर्द घूमती है। इस कोर्टरूम ड्रामा में परेश रावल एक टूर गाइड ‘विष्णुदास’ की भूमिका निभा रहे हैं, जो सच्चाई जानने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाता है।फिल्म में जब ताजमहल की उत्पत्ति पर सवाल उठाए जाते हैं और ‘मकबरे पर कलश’ या ‘सच्चाई सामने लाने के लिए DNA टेस्ट हो’ जैसे संवाद आते हैं, तो दर्शकों ने ज़ोरदार तालियां बजाकर उनका स्वागत किया। इन संवादों ने सिनेमा हॉल में एक भावनात्मक और वैचारिक माहौल पैदा कर दिया।
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‘ताजमहल मकबरा है या तेजोमहालय?’ – यही है कहानी का केंद्र
‘द ताज स्टोरी’ का केंद्रीय विषय यही है कि जिसे दुनिया ‘प्रेम की निशानी’ और एक मकबरा मानती है, क्या वह वास्तव में मुगलों द्वारा बनाया गया है या यह मूल रूप से ‘तेजोमहालय’ नामक एक प्राचीन शिव मंदिर था। फिल्म इसी बहस को कोर्टरूम के माध्यम से दर्शकों के सामने रखती है।
- विवादित विषय: ताजमहल के नीचे बंद 22 कमरों के रहस्य और इतिहास को चुनौती देने वाली अदालती लड़ाई।
- कलाकार: परेश रावल (Paresh Rawal) के दमदार अभिनय को दर्शकों ने खूब सराहा है।
- सार्वजनिक प्रतिक्रिया: सोशल मीडिया पर भी फिल्म को लेकर ‘सच की खोज’ और ‘विचारोत्तेजक’ कहानी के रूप में सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं।
फिल्म की रिलीज के साथ ही, ताजमहल बनाम तेजोमहालय का मुद्दा एक बार फिर राष्ट्रीय विमर्श में गर्मा गया है। आगरा में हुई यह घटना साफ दर्शाती है कि फिल्म ने दर्शकों के मन में चल रहे सवालों को आवाज़ दी है, जिसके चलते यह न सिर्फ मनोरंजन का, बल्कि बहस और चर्चा का भी केंद्र बन गई है।
