Trump Modi Meeting :  मध्य पूर्व में जारी तनाव और गाजा क्षेत्र में बढ़ते मानवीय संकट के बीच “गाजा पीस समिट” को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस शांति सम्मेलन में औपचारिक न्योता भेजा गया है। इस सम्मेलन में कई प्रमुख वैश्विक नेता, जिनमें अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी शामिल हो सकते हैं, शिरकत करने वाले हैं।

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 सम्मेलन का उद्देश्य

गाजा पीस समिट का मुख्य मकसद है — इज़राइल और फिलिस्तीन के बीच जारी संघर्ष को रोकना और स्थायी शांति के लिए ठोस रोडमैप तैयार कर। इस बैठक में संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका, यूरोपीय संघ, और अरब देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है।

🇮🇳 भारत की भूमिका पर नजर

भारत लंबे समय से इस क्षेत्र में शांति, वार्ता और दो-राज्य समाधान का समर्थन करता आया है। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी का इस सम्मेलन में शामिल होना भारत की कूटनीतिक भूमिका को और मजबूत कर सकता है। विदेश नीति विशेषज्ञों का मानना है कि मोदी की मौजूदगी मध्य पूर्व में भारत की “बैलेंस्ड डिप्लोमेसी” को और सशक्त बनाएगी।

ट्रंप से संभावित मुलाकात

अगर डोनाल्ड ट्रंप इस समिट में शामिल होते हैं, तो पीएम मोदी और ट्रंप की संभावित मुलाकात पर भी वैश्विक नजरें होंगी। दोनों नेताओं के बीच पहले भी मजबूत व्यक्तिगत संबंध रहे हैं, और माना जा रहा है कि यह मुलाकात क्षेत्रीय और वैश्विक राजनीति पर बड़ा असर डाल सकती है।

 PMO की प्रतिक्रिया का इंतजार

फिलहाल प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से इस न्योते पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। सूत्रों के अनुसार, सरकार इस प्रस्ताव पर विचार कर रही है और अंतिम फैसला विदेश मंत्रालय की रिपोर्ट के बाद लिया जाएगा।

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Alok Kumar Srivastava
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