हेलसिंकी/न्यूयॉर्क: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत पर टैरिफ लगाने की मांग को उनके एक करीबी सहयोगी देश ने ही सिरे से खारिज कर दिया है। फिनलैंड की विदेश मंत्री एलिना वाल्टोनन ने स्पष्ट कर दिया है कि यूरोपीय संघ (EU) भारत के साथ अपने व्यापारिक संबंधों को मजबूत करना चाहता है, न कि नए टैरिफ लगाना।

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संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान दिए एक इंटरव्यू में वाल्टोनन ने कहा, “हम भारत के साथ व्यापार बढ़ाना चाहते हैं। इसका मतलब है कि नए टैरिफ लगाने के बजाय, हम मौजूदा टैरिफ को कम करना चाहेंगे और मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की बातचीत को जल्द से जल्द पूरा करना चाहेंगे।”

ट्रंप की 100% टैरिफ की मांग को झटका

यह बयान ऐसे समय आया है जब डोनाल्ड ट्रंप, रूस पर दबाव बढ़ाने के नाम पर भारत और चीन जैसे देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने के लिए यूरोपीय संघ से लगातार अनुरोध कर रहे हैं। ट्रंप का तर्क था कि ये देश रूसी तेल खरीदकर मॉस्को को आर्थिक मदद पहुंचा रहे हैं।

फिनलैंड की विदेश मंत्री, जिनका देश भू-राजनीतिक रूप से यूरोपीय संघ का एक प्रमुख सहयोगी है, ने साफ कहा कि यूरोप की रणनीति रूस के खिलाफ कड़े प्रतिबंधों पर केंद्रित है और मौजूदा नीति प्रभावी है। उन्होंने भारत पर कोई “द्वितीयक टैरिफ” लगाने की जरूरत को सिरे से खारिज कर दिया।

EU की भारत से बढ़ती नजदीकी

वाल्टोनन ने यह भी उम्मीद जताई कि भारत भू-रणनीतिक दृष्टिकोण से यूरोपीय संघ की विदेश नीति के और करीब आएगा, लेकिन व्यापार के मोर्चे पर उनका रुख स्पष्ट है: यूरोप भारत के साथ व्यापारिक रिश्ते और गहरे करने की ओर बढ़ रहा है।

इससे पहले भी, फिनलैंड के राष्ट्रपति स्टब ने अमेरिका को सार्वजनिक रूप से आगाह किया था कि अगर “ग्लोबल साउथ” (भारत जैसे विकासशील देश) के प्रति सहयोगात्मक नीति नहीं अपनाई गई, तो अमेरिका यह खेल हार जाएगा। टैरिफ पर यूरोपीय संघ के इस दोस्ताना रुख को भारत के लिए एक बड़ी व्यापारिक जीत के रूप रूप में देखा जा रहा है।

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Alok Kumar Srivastava
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